यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 24, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
भाजपा नेताओं ने सदन की मर्यादा को पहुंचाई ठेस
चुनाव की दहलीज पर भाजपा इस प्रकार अफरा-तफरी का माहौल पैदा करती है ताकि राज्य के महत्व से जुड़े मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाया जा सके।

शिमला, राज्य ब्यूरो। प्रदेश सरकार के मंत्रियों व कांग्रेस पार्टी ने विधानसभा सदन में भाजपा विधायकों के व्यवहार की निंदा की है। कहा कि उन्होंने सदन की परंपराओं व मर्यादाओं को ठेस पहुंचाई है। मंत्री कौल सिंह ठाकुर, मुकेश अग्निहोत्री और सुधीर शर्मा, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी सचिव आशा कुमारी व राज्य वित्तायोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार ने कहा कि सदन की कार्यवाही को प्रभावित करने के लिए भाजपा विधायकों का उदंड व्यवहार पूर्व नियोजित था। चुनाव की दहलीज पर भाजपा इस प्रकार अफरा-तफरी का माहौल पैदा करती है ताकि राज्य के महत्व से जुड़े मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाया जा सके।
चर्चाओं में बने रहने और ऐसे मामले, जिनकी जांच चल रही हो उन्हें लेकर शोर शराबा करना भाजपा विधायकों की पुरानी आदत है। उन्होंने कहा कि अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए कानून एवं व्यवस्था को दरकिनार कर भाजपा अशांति फैला रही है। कांग्रेस नेताओं का आरोप लगाया कि भाजपा नेता सदन की कार्यवाही में अड़चन पैदा करने के लिए पूरी तैयारी के साथ आए हैं।
कोटखाई मामले की जांच अब सीबीआइ कर रही है। भाजपा के कुछ ऐसे नेता, जिनकी अपनी ही पार्टी में कोई मान्यता नहीं है, लेकिन केंद्रीय जांच एजेंसी पर भी संदेह जता रहे हैं। उन्हें मालूम होना चाहिए कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के आग्रह पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीबीआइ को भेजा है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को अपने केंद्रीय नेतृत्व की विफलताओं के बारे में चर्चा करनी चाहिए। जीएसटी लागू होने के बाद से ही उपभोक्ताओं व छोटे व्यापारियों के बीच भ्रम की स्थिति है।