यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 29, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
ये हैं जीएसटी के रोचक तथ्य
वैट का विचार सबसे पहले जर्मनी के एक व्यवसायी विल्हेम वॉन सीमेंस ने 1920 के दशक में दिया था।

शिमला, जेएनएन। दुनियाभर में 160 से अधिक देशों में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) या मूल्य वर्धित कर (वैट) लागू है। वैसे जीएसटी का विकास भी वैट के सिद्धांत पर ही हुआ है। भारत में भी राज्यों में जो वैट लागू था, उसकी जगह अब जीएसटी लागू होगा। दुनियाभर में सबसे पहले वैट लागू करने वाला देश फ्रांस था। हालांकि वैट का विचार सबसे पहले जर्मनी के एक व्यवसायी विल्हेम वॉन सीमेंस ने 1920 के दशक में दिया था।
वैसे इस विचार को फ्रांस के कर प्रशासन के संयुक्त निदेशक मौरिस लॉरी ने सबसे पहले मूर्तरूप दिया, इसलिए उन्हें कथित तौर पर फादर ऑफ वैट भी कहा जाता है। इस तरह फ्रांस 1954 में वैट लागू करने वाला दुनिया का पहला देश बना। इसके बाद जर्मनी और ब्रिटेन सहित अन्य यूरोपीय देशों ने वैट लागू किया।
ब्रिक्स का सदस्य ब्राजील भी उन गिने चुने देशों में शामिल है जहां बीसवीं सदी के मध्य में वैट लागू किया गया था। कुल मिलाकर अब वैट इतिहास बन जाएगा और वह अधिक परिष्कृत होकर जीएसटी के रूप में जारी रहे।
यह भी पढ़ें: जीएसटी से सस्ती होंगी 761 दवाए
