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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 29, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जीएसटी से सस्ती होंगी 761 दवाएं

By Babita KashyapEdited By:
Published: Thu, 29 Jun 2017 09:27 AM (IST)Updated: Fri, 30 Jun 2017 09:16 AM (IST)

भारत के फार्मा उद्योगों में निर्मित होने वा ली दवाएं पहले की अपेक्षा काफी सस्ती हो गई हैं।

जीएसटी से सस्ती होंगी 761 दवाएं
जीएसटी से सस्ती होंगी 761 दवाएं

सोलन, सुनील शर्मा। देशभर के फार्मा उद्योगों में निर्मित दवाओं पर गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) का असर होने से दवा बाजार में जबरदस्त हलचल हुई है। हजारों में बिकने वाली दवाओं पर जीएसटी ने कैंची चलाकर बड़ी राहत दी है। भारत के फार्मा उद्योगों में निर्मित होने वा ली दवाएं पहले की अपेक्षा काफी सस्ती हो गई हैं। कई तरह के कैंसर, टीबी, पागलपन और एचआइवी के लिए इस्तेमाल होने वाली कीमती दवाओं को सस्ता बना दिया है।

रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय की नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (एनपीपीए) प्राधिकरण ने देशभर में निर्मित होने वाली 761 दवाओं की सूची मंगलवार को जारी कर दी है। इसमें जीएसटी के लागू होने के बाद उनके मूल्य पर होने वाले बदलाव का जिक्र है। सूची में महत्वपूर्ण दवाएं शामिल हैं जो देश व विदेश में काफी महंगी बिकती हैं। जीएसटी लागू होने से यह दवाएं दुनिया भर में सस्ती उपलब्ध हो सकेंगी और उपचार सस्ता मिलेगा। 

इन दवाओं के घटे दाम 

कैंसर रोगियों के उपचार के लिए इस्तेमाल होने वाली ट्रेस्टूजूमैब इंजेक्शन को 56,912 से घटाकर 54,582 रुपये प्रति पैक किया गया है।

संशोधित दवा मूल्य कुछ औपचारिकताओं के बाद पहली जुलाई से लागू किए जाएंगे। जीएसटी लागू होने से दवाओं के मूल्य पर असर हुआ है।

-एपीएस स्वाहने, निदेशक, एनपीपीए।

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