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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 03, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अब प्रतियोगी परीक्षा में लक्ष्य साधना होगा आसान

By Sachin MishraEdited By:
Published: Mon, 03 Apr 2017 10:47 AM (IST)Updated: Mon, 03 Apr 2017 04:44 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग ई-गवर्नेस के माध्यम से सभी आधुनिक सेवाएं अभ्यर्थियों को देगा।

अब प्रतियोगी परीक्षा में लक्ष्य साधना होगा आसान
अब प्रतियोगी परीक्षा में लक्ष्य साधना होगा आसान

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग अब ऑनलाइन परीक्षाएं लेगा। बिना किसी गलती के आवेदन पत्र दाखिल करने से लेकर अभ्यर्थियों को परामर्श भी हाइटेक तरीके से मिलेंगे। इससे हर साल लाखों की संख्या में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में जुटे अभ्यर्थियों को अपना लक्ष्य साधने में भी आसानी होगी।

आयोग इसके लिए बाकायदा संबंधित परीक्षा का सिलेबस व मॉडल प्रश्नपत्र ऑनलाइन उपलब्ध करवाएगा। सुविधाएं प्रदान करने के लिए विशेष रूप से केंद्र स्थापित होगा। इसके अलावा साथ ही देश के सभी राज्य लोक सेवा आयोगों की कार्यप्रणालियों में सुधारों व इन्हें अत्यधिक कार्यदक्ष बनाने के लिए मॅाडयूल भी उपलब्ध करवाएगा। लोक सेवा आयोग न केवल अभ्यर्थियों के लिए ऑनलाइन सेवाएं देगा, बल्कि विभागीय पदोन्नति समितियों से संबंधित मामलों के भी हाइटेक तकनीक से समाधान करेगा। इससे नई व पदोन्नति द्वारा भर्ती के लिए समय रहते सेवाएं मिलेंगी।

हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग ई-गवर्नेस के माध्यम से सभी आधुनिक सेवाएं अभ्यर्थियों को देगा। संचार व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने ई-गवर्नेस परियोजना को मंजूरी दे दी है। पायलेट आधार पर शुरू होने वाली इस परियोजना के लिए विश्व बैंक पांच करोड़ 24 लाख रुपये खर्च करेगा।

कंप्यूटर विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए जाने वाले इस सॉफ्टवेयर को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किया जाता रहेगा। केंद्रीय सूचना प्रौद्यौगिकी मंत्रालय के अधीन कार्यरत राष्ट्रीय सूचना व विज्ञान केंद्र सेवा संस्था परियोजना का कार्यान्वयन पूरा करेगी। संस्था ने ही परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट मंत्रालय को प्रेषित की थी। यह होगा लाभ- भर्ती एवं पदोन्नति नियमों, सरकारी सेवाओं संबंधी नियम व छूट इत्यादि मामलों में तुरंत निर्णय लेने के लिए सहयोग की तकनीक आधारित व्यवस्था।

अनुशासनात्मक, न्यायालयों एवं सूचना के अधिकार क्षेत्र के मुद्दों की तत्परता से निपटाने के लिए व्यवस्थाएं। विभागीय मांगपत्रों की प्रक्रिया सरल व ऑनलाइन होगी। मॉक परीक्षणों का होगा आयोजन।-आपत्तियों एवं समस्याओं के समाधान के लिए छात्र फोरम की व्यवस्था।-अभ्यर्थियों को ऑनलाइन पाठ्य सामग्री व मॉडल प्रश्नपत्रों की उपलब्धता।- सूचना प्रदान करने व शिकायतों के निवारण के लिए हेल्पलाइन की व्यवस्था।

वेब पोर्टल, एसएमएस पोर्टल, आइवीआरएस और मोबाइल इंटरफेस आदि की सुविधाओं का सृजन।-आयोग के विभिन्न क्रियाकलापों के विभिन्न स्तरों पर निर्णय लेने, मॉनीटरिंग और उनके मूल्यांकन के कौशल एवं पारदर्शिता से उनके निष्पादन के लिए प्रबंध की व्यवस्था।-परीक्षा विशेषज्ञों के प्रबंधन की दक्ष व्यवस्था।-परीक्षाओं के संचालन के लिए सदृढ़ नियमों की संरचना व व्यवस्था।-अत्याधुनिक पुस्तकालय एवं रिकॉर्ड के रखरखाव के लिए स्ट्रांग रूम की व्यवस्था।-रोजगार की शर्तो में सुधार की प्रक्रियाएं

ई-गवर्नेंस परियोजना से आयोग की कार्यप्रणाली का कायाकल्प होगा। विभागीय पदोन्नति, भर्ती नियमों में छूट मामलों का समाधान व परीक्षा संबंधित सारी प्रक्रिया हाइटेक तरीके से होगी। मंत्रालय से ई-गवर्नेस परियोजना को मंजूरी मिल गई है। - केएस तोमर, अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग।
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