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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 24, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सुप्रीमकोर्ट से अनुराग ठाकुर को राहत

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Published: Fri, 24 Feb 2017 01:00 AM (IST)Updated: Fri, 24 Feb 2017 11:30 AM (IST)

एचपीसीए के धर्मशाला स्थित क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण के दौरान साथ लगते भवन को गिराने व सरकारी भूमि पर अतिक्रमण ...और पढ़ें

सुप्रीमकोर्ट से अनुराग ठाकुर को राहत
सुप्रीमकोर्ट से अनुराग ठाकुर को राहत

धर्मशाला [जेएनएन]: हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एचपीसीए) के धर्मशाला स्थित क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण के दौरान साथ लगते भवन को गिराने व सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के मामले में सुप्रीमकोर्ट ने अनुराग ठाकुर समेत सात लोगों को राहत दी है। सुप्रीमकोर्ट ने वीरवार को प्रदेश सरकार की याचिका खारिज कर दी है। इस फैसले से भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष अनुराग ठाकुर समेत एचपीसीए के पदाधिकारियों व शिक्षा विभाग के अधिकारियों को राहत मिली है। उल्लेखनीय है कि पहले प्रदेश सरकार ने यह मामला हाईकोर्ट में दायर किया था और वहां से निरस्त होने के बाद सुप्रीमकोर्ट में याचिका दायर की थी जिसे वीरवार को खारिज कर दिया गया।

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यह था मामला

एचपीसीए स्टेडियम के गेट नंबर एक के साथ लगती भूमि पर शिक्षा विभाग का दो मंजिला भवन था और इसका निर्माण 720 वर्ग मीटर में हुआ था। यहां कॉलेज प्राध्यापकों के आवास थे। पहले भूमि शिक्षा विभाग के नाम थी। अतिक्रमण के बाद इस भूमि को खेल विभाग को सौंपा गया। इस मामले में एक फाइल भी गुम हुई है। आरोप है कि स्टेडियम के निर्माण के दौरान बिना किसी अनुमति के भवन को गिराया गया था। कांग्रेस चार्जशीट में इस मामले का उठाया गया था। विजिलेंस ने धर्मशाला न्यायालय में 2013 में मामला दर्ज किया था। इस मामले में अगस्त 2016 में हाईकोर्ट ने भी प्रदेश सरकार की याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद सरकार ने सुप्रीमकोर्ट में याचिका दायर की थी जिसे अब खारिज कर दिया गया है।

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इन पर थे आरोप

अनुराग ठाकुर, पूर्व उपायुक्त कांगड़ा केके पंत, पूर्व प्रिंसिपल ललित मोहन शर्मा, धर्मशाला कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य नरेंद्र अवस्थी, पूर्व एक्सईएन देवी चंद चौहान, पूर्व एसडीओ, एमएस कटोच, एचपीसीए प्रवक्ता संजय शर्मा, अंतर नेगी और गौतम ठाकुर पर इस मामले में संलिप्त होने का आरोप था।

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'सुप्रीमकोर्ट ने प्रदेश सरकार की ओर से एचपीसीए के खिलाफ दायर की गई याचिका को रद कर दिया है। फैसला स्वागत योग्य है।' -संजय शर्मा, प्रवक्ता एचपीसीए

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