यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 09, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
साक्षात्कार के सात दिन बाद मिला कॉल लेटर
संवाद सूत्र, चुवाड़ी : बेरोजगारी की मार झेल रहे युवा सरकारी नौकरी के लिए जी तोड़ मेहनत करते हैं। लेकिन

संवाद सूत्र, चुवाड़ी : बेरोजगारी की मार झेल रहे युवा सरकारी नौकरी के लिए जी तोड़ मेहनत करते हैं। लेकिन क्या हो अगर नौकरी के लिए होने वाले साक्षात्कार के लिए सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद भी सही समय पर कॉल लेटर प्रार्थी तक न पहुंच पाए। ऐसा ही एक वाकया भटियात के एक युवा के साथ पेश आया है। इसे डाक महकमे की लेटलतीफी कहिए या लोक निर्माण विभाग की लापरवाही कि शिमला में पहली मई को हुए चालकों के इंटरव्यू का कॉल लेटर प्राथी को एक हफ्ते बाद मिल पाया।
तलाई निवासी अशोक कुमार ने हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग में चालक की नौकरी के लिए आवेदन किया था। इसके लिए पहली मई को होने वाले साक्षात्कार का लेटर भी विभाग ने बाकायदा अशोक कुमार को समय पर जारी तो कर दिया। लेकिन पत्ते में तलाई की जगह तलारा लिख दिए जाने से प्राथी को यह लेटर एक सप्ताह की देरी के बाद मिल पाया।
डाक से आए कॉल लेटर को एक बार तो डाक विभाग गलत पत्ते की बात कह कर वापस भी कर चुका था। बाद में विभाग ने इसे ठीक कर जारी तो कर दिया। लेकिन यह साक्षात्कार के एक सप्ताह बाद अशोक को मिल पाया।
लिहाजा अशोक कुमार खुद को ठगा महसूस कर रहा है। लापरवाही जिसकी भी रही हो मगर खामियाजा तो एक बेरोजगार को ही भुगतना पड़ा।
उधर, डाक विभाग चंबा के अधीक्षक संतोष का कहना है कि मामला ध्यान में लाया गया है। इस बारे में जल्द जांच कर स्थिति सपष्ट की जाएगी।