विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 26, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

प्रिंटर से नकली नोट छापने वाला पहुंचा जेल, मास्टरमाइंड ने किया कई खुलासे

By Ankit KumarEdited By:
Published: Wed, 26 Apr 2017 07:00 PM (IST)

प्रिटंर से नकली नोट छापने के मास्टरमाइंड पर लगातार शिकंजा कसता जा रहा है। कोर्ट ने रिमांड खत्म होने के बाद उसे जेल भेज दिया गया है।

प्रिंटर से नकली नोट छापने वाला पहुंचा जेल, मास्टरमाइंड ने किया कई खुलासे
प्रिंटर से नकली नोट छापने वाला पहुंचा जेल, मास्टरमाइंड ने किया कई खुलासे

जेएनएन, यमुनानगर। प्रिंटर से नकली नोट छापने वाले मास्टरमाइंड रूबी सिंह उर्फ रवि का रिमांड खत्म होने के बाद कोर्ट में पेश किया गया। जहां  से उसे जेल भेज दिया गया है।

नकली नोट के साथ गिरफ्तार कंप्यूटर सेंटर संचालक रूबी सिंह ने पूछताछ में कई अहम खुलासे किए हैं। मामले में उसके एक दोस्त गांव चाहड़वाला निवासी कंवरपाल का नाम भी सामने आया है। रूबी पर शिकंजा कसने के बाद अब पुलिस को उसके बाकी दो साथियों की भी तलाश है। पुलिस गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है और दावा किया गया है कि जल्द ही दोनों को गिरफ्तार करने में कामयाबी भी मिलेगी। 

यह भी पढ़ें: बुजुर्ग को घर से घसीटकर ले गई पुलिस, थाने में पीटकर किया लहूलुहान

इससे पहले पुलिस रूबी सिंह को नकली नोट छापने के आरोप में गिरफ्तार किया था। पुलिस पूछताछ में उसने बताया था कि वह महज 900 रुपये के कागज से एक लाख रुपये के नकली नोट तैयार करता था। फिर उन्हें रमेश कुमार उर्फ बिल्लू और अशोक कुमार उर्फ शोकी को मार्केट में चलाने के लिए दे देता था।

रूबी सिंह ने पुलिस को बताया कि एक दिन उसने बाजार से कुछ सामान खरीदा, बड़ा नोट देने पर उसे सौ-सौ के कुछ नोट मिले। बाद में उसे पता चला कि सौ का एक नोट नकली है। इस पर उसे आइडिया आया कि वह खुद भी ऐसे नोट तैयार कर बाजार में चला सकता है। चूंकि रूबी खुद कंप्यूटर में एक्सपर्ट था, इसलिए एक महीने की कड़ी मशक्कत के बाद उसे इसमें कामयाबी हासिल कर ली। उसने सौ रुपये का नोट स्कैन किया और फिर उसका प्रिंट निकालकर बाजार में सामान खरीदने गया। बाजार में नकली नोट चलने से उसका जोश बढ़ गया और वह उत्साह के साथ नकली नोट छापने लगा।

यह भी पढ़ें: सरकार वापस नहीं लेगी परिवहन नीति, फिर रोडेवज हड़ताल की आशंका
 
रमेश व अशोक को मिलाया

रूबी सिंह नकली नोट छापने का काम बड़े स्तर पर करना चाहता था, इसलिए उसने अपने सेंटर पर काम कर चुके रमेश और अशोक को साथ मिलाया। 10 हजार रुपये के नोट पर रूबी को एक से डेढ़ हजार रुपये कमीशन मिलता था। रूबी सिंह ने बताया कि उसका काम सिर्फ कंप्यूटर से प्रिंट निकाल कर देने का था। इन नोटों की कटिंग रमेश और अशोक ही करते थे।

पांच सौ के भी छापे थे चार नोट

रूबी सिंह ने बताया कि वह सौ रुपये के नोट छापकर थक चुका था। इसलिए उसने बड़ा हाथ मारने के लिए 500 रुपये के नकली नोट छापने की योजना बनाई। मगर उसे ऐसा कागज नहीं मिला जो पांच सौ के नए नोट का है। दूसरा दुकानदार भी बड़ा नोट लेते समय उसकी जांच करता है, जबकि एक सौ के नोट पर इतनी जल्दी शक नहीं होता था। रूबी ने 500-500 के सिर्फ चार ही नकली नोट छापे थे। इसके अलावा उसने 50-50 के नकली नोट भी छापे।

यह भी पढ़ें: लव जेहादः धर्म छिपा किया हिंदू युवती से विवाह, पोल खुली तो हुआ निकाह

हटा दिया था साइन बोर्ड

बिलासपुर के शिव चौक पर रूबी सिंह करीब आठ साल से कंप्यूटर सेंटर चला रहा था। अब तक तीन सौ से ज्यादा युवाओं को कंप्यूटर की ट्रेनिंग भी दे चुका था। इसकी आड़ में वह सेंटर पर नकली नोट भी तैयार कर रहा था। करीब चार माह से वह नकली नोट तैयार करने में जुटा था। इसके बाद उसने सेंटर का बोर्ड भी उतार दिया था।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।