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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 30, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हड़ताल के आह्वान के बावजूद कई दवा विक्रेताओं ने जनहित में खुली रखी दुकानें

By Kamlesh BhattEdited By:
Published: Tue, 30 May 2017 01:02 PM (IST)Updated: Tue, 30 May 2017 01:10 PM (IST)

हरियाणा में केमिस्टों की हड़ताल का मिला जुला असर देखने को मिल रहा है। कई जिलों में दवा विक्रेताओं ने जनहित में दुकानें खुली रखी।

हड़ताल के आह्वान के बावजूद कई दवा विक्रेताओं ने जनहित में खुली रखी दुकानें
हड़ताल के आह्वान के बावजूद कई दवा विक्रेताओं ने जनहित में खुली रखी दुकानें

जेएनएन, चंडीगढ़। ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ हरियाणा में केमिस्टों की हड़ताल का मिलाजुला असर देखने को मिल रहा है। जहां दुकानें बंद हैं वहां मरीजों के तीमारदार दवा खरीदने के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। वहीं, कुछ केमिस्ट शॉप्स मालिकों ने जनहित में दुकानें खुली रखी।

हड़ताल का आह्वान ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट (एआइओसीडी) ने किया है। केमिस्ट दवा की बिक्री के लिए सरकार की ओर से तय किए गए कड़े नियमों का विरोध कर रही है। केमिस्टों का कहना है कि इस बावत सरकार को कई ज्ञापन दिए गए, लेकिन मांग नहीं माने जाने पर एक दिन के लिए हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया गया। केमिस्ट ऑनलाइन दवा बिक्री करने का भी विरोध कर रहे हैं।

केमिस्टों का कहना है कि इससे देशभर में नशे का प्रचलन बढ़ेगा। सरकार के इस फैसले से देशभर में 8.50 लाख केमिस्ट व इनके करीब 50 लाख कर्मचारी प्रभावित होंगे। नेताओं ने कहा कि दवा मूल्य नियंत्रण नीति भी केमिस्टों का शोषण कर रही है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि प्रदेशों में फार्मासिस्ट व ड्रग लाइसेंस नवीनीकरण समस्या का तुरंत समाधान होना चाहिए।

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