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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 15, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हैकरों के खौफ से इंटरनेट सेवाएं बंद, सरकारी कार्यालयों में काम ठप

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Published: Mon, 15 May 2017 06:52 PM (IST)Updated: Mon, 15 May 2017 07:38 PM (IST)

इंटरनेअ हैंकरों से हरियाणा में भी हड़कंप मचा हुआ है। इससे सरकारी कार्यालय भी नहीं अछूते रहे और वहां काम लगभग ठप रहे। हरियाणा सचिवालय में भी यही हालत रही।

हैकरों के खौफ से इंटरनेट सेवाएं बंद, सरकारी कार्यालयों में काम ठप
हैकरों के खौफ से इंटरनेट सेवाएं बंद, सरकारी कार्यालयों में काम ठप

जेएनएन, चंडीगढ़। सौ से अधिक देशों में साइबर हमले के बाद हरियाणा मेंं भी इंटरनेट का इस्‍तेमाल करने वालों में खौफ छाया है। लगातार दूसरे दिन इंटरनेट यूजर्स इससे परेशान रहे। डाटा हैक किए जाने की आशंका के कारण विभिन्न सरकारी महकमों और कंपनियों ने इंटरनेट सेवाएं बंद रखीं। बैंकों ने भी इसका इस्तेमाल करते हुए बेहद एेहतियात बरती। इससे कर्मचारियों के साथ आमजन को भी खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

सरकारी महकमों और कई निजी संस्थाओं मं इंटरनेट सेवाएं रहीं बंद

हैकरों का सर्वाधिक डर हरियाणा सचिवालय में दिखा जहां से पूरी सरकार चलती है। सोमवार को सचिवालय में साइबर हमले की आशंका के चलते दिनभर इंटरनेट सेवाएं बंद रखी गईं। कई विभागों में मंत्रियों का स्टाफ लिखित आदेशों को मौखिक रूप से संबंधित शाखाओं को बताते हुए देखा गया। यहां तक कि कर्मचारियों की हाजिरी के लिए लगाई गईं बायोमीट्रिक मशीनों को भी बंद कर दिया गया।

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हरियाणा सचिवालय में इंटरनेट बंद किए जाने से भटकते रहे लोग

मशीनें बंद होने से कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई। कर्मचारी अपनी-अपनी शाखाओं में पहुंचे तो कंप्यूटर चलाने में पसीने छूट गए। थोड़ी ही देर में लगभग सभी शाखाओं के कर्मचारी व अधिकारी अपनी सीटें छोड़कर बाहर आने शुरू हो गए। कुछ समय बाद जब आइटी विंग से संपर्क किया गया तो पता चला कि साइबर हमले से बचने के लिए  इंटरनेट तथा आइटी से जुड़ी तमाम सेवाओं को बंद किया गया है।

आइटी विंग ने सर्वर बंद कर विभिन्न शाखाओं में लगे कंप्यूटरों को भी स्कैन किया। इस दौरान इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह बंद रहीं। इस कारण कर्मचारी अपना कार्य नहीं कर सके। इससे विभिन्न कार्यों के लिए बाहर से आने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

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उधर, ज्यादातर निजी संस्थानों ने भी सर्वर का इस्तेमाल नहीं करने में ही भलाई समझी। खासकर स्कूल-कॉलेजों में कंप्यूटरों को बंद रखा गया। लेन-देन का हिसाब-किताब रखने के लिए बैंकों ने इंटरनेट का इस्तेमाल तो किया, लेकिन फुलप्रूफ सिस्टम सुनिश्चित होने के बाद। इससे सुबह यहां लेन-देन करने पहुंचे लोगों को काफी मुश्किलें झेलनी पड़ीं।

डाटा का रखें बैकअप

साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अज्ञात स्रोत से संदेश आने पर उसे न खोलें। अपने डाटा का बैकअप जरूर रखें। हैकरों की ओर से कंप्यूटर पर संदेश भेजा जाता है जिस पर क्लिक करते ही पॉपअप ब्लो कर जाएगा। इसके बाद संदेश आता है कि आपके सारे डाटा को एनक्रिप्ट कर लिया गया है व इसका कुछ भी नहीं हो सकता।

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