यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 16, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
रियल एस्टेट के कारोबार का भी माहिर खिलाड़ी था गुरमीत राम रहीम
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम रियल एस्टेट क्षेत्र का माहिर खिलाड़ी भी था। पुलिस जांच में उसके रियल एस्टेट बिजनेस के कई दस्तावेज पुलिस के हाथ लगे हैं।

जेएनएन, चंडीगढ़। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम रियल इस्टेट कारोबार में गहराई तक उतरा हुआ था। उसने अपना निजी और डेरे का अधिकतर पैसा रियल एस्टेट के कारोबार में लगा रखा था। बताया जाता है कि राम रहीम रियल इस्टेट का माहिर खिलाड़ी था। हरियाणा पुलिस को डेरा सच्चा सौदा से जुड़ी सात कंपनियों के दस्तावेज मिले हैं और अागे जांच जारी है। इनमें एक कंपनी का मुख्यालय दिल्ली और दूसरी का पंजाब के जीरकपुर में है। हस संबंध में शीघ्र ही बड़े खुलासे होने की संभावना है।
हरियाणा पुलिस को मिले सात कंपनियों से जुड़े दस्तावेज
हरियाणा पुलिस ने 8 सितंबर को डेरा सच्चा सौदा सिरसा के परिसर से जो सामान जब्त किया है, उसमें दो लैपटाप मिले थे। पुलिस ने इन लैपटाप को कबाड़ समझकर बोरे में डाला हुआ था। अब इनको जांच के लिए फोरेंसिक लैब मधुबन (करनाल) में भेज दिया गया है। आइटी एक्सपर्ट इनमें दर्ज सूचनाओं की तह में जाने की कोशिश कर रहे हैं। बताया जाता है कि इन लैपटॉप से कई इनपुट मिले हैं।
पुलिस को अब तक जो फाइलें मिली हैं, उनमें ज्यादातर राम रहीम की कंपनियों से संबंधित हैं। अभी तक कुल सात कंपनियों से जुड़े दस्तावेज मिलने की जानकारी मिली है। इनमें एक कंपनी रियल एस्टेट कारोबार से जुड़ी है, जिसका मुख्यालय दिल्ली में दिखाया गया है। पुलिस का मानना है कि डेरे का अधिकतर पैसा रियल एस्टेट के कारोबार में लगा हुआ था।
यह भी पढ़ें: जेल में गुरमीत का हुआ बुरा हाल, हनीप्रीत के पकड़े जाने के बाद से बाबा है परेशान
पंजाब के जीरकपुर में भी ऐसी ही कंपनी है, जो रियल एस्टेट का कारोबार करती है और वह डेरे से जुड़ी है। इस कंपनी के मालिक पर आरोप है कि उसने 25 अगस्त के दिन राम रहीम को अपनी गाडिय़ों का काफिला मुहैया कराया था। बताया जाता है कि सिरसा में मिले दो लैपटॉप में एक हनीप्रीत का है। इसमें गुरमीत राम रहीम के कई राज छिपे हैं।
हनीप्रीत ने पुलिस को बताया था कि उसने 26 अगस्त को अपना लैपटॉप, डायरी और मोबाइल डेरा सच्चा सौदा की चेयरपर्सन विपासना को सौंप दिया था। बताया जाता है कि विपासना ने पंचकूला में पूछताछ के दौरान पुलिस को हनीप्रीत का मोबाइल फोन सौंप दिया था। विपासना से मिली जानकारी के आधार पर हरियाणा पुलिस अब जांच में धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है।
हनीप्रीत के खिलाफ पुलिस के पास फिलहाल ठोस सबूत नहीं
हनीप्रीत सहित करीब 12 लोगों पर देशद्रोह का केस दर्ज है। लेकिन, हरियाणा पुलिस को हनीप्रीत के खिलाफ फिलहाल कोई बड़ा सबूत हाथ नहीं लगा है। बताया जाता है कि अभी तक जो सबूत मिल रहे हैैं, वह कानून की दृष्टि से देशद्रोह के आरोप साबित करने वाले नहीं हैैं। जिस मोबाइल फोन में भड़काऊ वीडियो क्लिप होने की बात कही जा रही थी, वह भी खाली मिला है। बरामद हुए दोनों लैपटॉप में अभी तक कोई गाइड मैप या लिस्ट नहीं होने की जानकारी है।
यह भी पढ़ें: हनीप्रीत की मनुहार- पापा गुरमीत से मिलवा दो, बहुत दिनों से नहीं देखा
हनीप्रीत को राम रहीम के साथ रखने का था प्लान
हनीप्रीत डेरा प्रमुख राम रहीम के साथ हर समय मौजूद रहे, इसकी पूरी साजिश रची गई थी। 25 अगस्त को राम रहीम को दोषी ठहराया गया था। इससे पहले 17 अगस्त को डेरे में एक बैठक हुई थी, इसी बैठक के बाद राम रहीम की एक मेडिकल रिपोर्ट तैयार की गई थी। इस रिपोर्ट में हनीप्रीत को राम रहीम की नियमित सहायक (रेग्यूलर अटेंडेंट) बनाया गया था। यह मेडिकल रिपोर्ट चार डॉक्टरों की टीम ने तैयार की थी। इनमें से दो डॉक्टर डेरे के अस्पताल के हैं और दो दिल्ली के बड़े अस्पताल मैक्स के हैैं।
पुलिस खुद छिपाती रही राम रहीम की मेडिकल रिपोर्ट
चार डॉक्टरों ने रिपोर्ट में हनीप्रीत को राम रहीम का नियमित अटेंडेंट बताते हुए हनीप्रीत को राम रहीम के साथ ही रखने की सलाह दी थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर पुलिस हनीप्रीत को हेलीकॉप्टर में लेकर सुनारियां तक गई थी। रोहतक में जेल जाने से पहले हनीप्रीत ने एक गेस्ट हाउस में न सिर्फ राम रहीम की काउंसलिंग की बल्कि अटेंडेंट होने की एक्टिंग भी की। पुलिस ने इस रिपोर्ट को काफी दिनों तक छिपाए रखा।
