यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 19, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
विशेष बातचीत में बोले डीजीपी- डेरा प्रकरण में नहीं हुई चूक, सब कुछ प्लानिंग से किया
डेरा प्रकरण पर हरियाणा के पुलिस महानिदेशक बीएस संधू से दैनिक जागरण ने खास बातचीत की। संधू ने कहा कि ...और पढ़ें

चंडीगढ़ [अनुराग अग्रवाल]। दुष्कर्म मामले में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को जेल गए 25 दिन बीत गए और उसकी राजदार हनीप्रीत भी तब से ही गायब है। गुरमीत की पेशी के दिन 25 अगस्त को पंचकूला में हुई हिंसा से लेकर हनीप्रीत की फरारी तक पुलिस पर बार-बार अंगुली उठ रही है। बावजूद इसके पुलिस महानिदेशक बीएस संधू को लगता है कि सब कुछ प्लानिंग से हो रहा है और पुलिस जांच सही दिशा में चल रही है। दैनिक जागरण से विशेष बातचीत में डीजीपी संधू ने कई अन्य सवालों के जवाब भी दिए।
0 सरकार और पुलिस चाहती तो पंचकूला को जलने से बचाया जा सकता था?
- हमसे कोई चूक नहीं हुई। सरकार को भरोसे में लेकर पूरी प्लानिंग से काम किया। पंचकूला में जमा लोगों को हटाने अथवा पकड़ा-पकड़ी से अधिक जरूरी शांति बहाली थी। अगर गुरमीत राम रही डेरे से नहीं आता तो सैकड़ों जानें जाती।
0 गुरमीत राम रहीम के दोषी साबित होने के बावजूद आप उसे हेलीकाप्टर से जेल लेकर गए?
- उसे सिरसा डेरे से बाहर निकालना, बिना किसी हिंसा के कोर्ट में पेश करना और फिर हेलीकाप्टर से सुनारिया जेल लेकर जाना.... सब स्ट्रेटजी का हिस्सा था। यदि उसे सड़क मार्ग से ले जाते तो सुरक्षा प्रभावित होती।
0 डेरा प्रमुख की राजदार हनीप्रीत को पुलिस आज तक नहीं खोज पाई?
- कई बार किसी को पकडऩे में समय लग जाता है। हमारी पुलिस सभी राज्यों के संपर्क में है। वह नेपाल में नहीं है। कई मुख्य आरोपियों को धरा जा चुका। हनीप्रीत भी जल्द पकड़ी जाएगी।
0 गुरमीत के साथ हेलीकाप्टर में जेल तक जाने के बाद हनीप्रीत दो दिन सिरसा डेरे में भी रही?
- हनीप्रीत का हेलीकाप्टर में बाबा के साथ जाना भी स्ट्रेटजी का पार्ट था। वह सिरसा में रही या नहीं, इस बारे में डेरा प्रबंधन कमेटी के सदस्यों से पूछताछ की जा रही है।
0 पंजाब के एक राजनीतिज्ञ की मदद से हनीप्रीत जेड सिक्योरिटी में फरार कराई गई?
- हम हर पहलू पर जांच कर रहे हैं। एसआइटी के ध्यान में यह पहलू भी है। पूरी ईमानदारी से बिना किसी दबाव के जांच चल रही। हम पर किसी को पकडऩे अथवा किसी को छोडऩे का कोई दबाव नहीं है।
0 पंजाब के एक पूर्व मंत्री आपसे मिलने आए थे। शायद कोई सिफारिश लेकर?
- पूर्व मंत्री हरमिंदर सिंह जस्सी मुझसे मिलने आए थे। मगर मुलाकात नहीं हो सकी। डेरा का कोई आदमी हमारे संपर्क में नहीं है। जरूरी हुआ तो उन्हें भी जांच में शामिल करेंगे।
0 खुफिया रिपोर्ट में हनीप्रीत की जान को खतरा बताया जा रहा?
- ऐसा कहा जा रहा है कि लेकिन हमें हनीप्रीत के परिवार के सदस्यों की तरफ से लिखित में ऐसी कोई आशंका नहीं मिली।
0 सजा सुनाने वाले जज जगदीप सिंह की सिक्योरिटी भी टाइट कर दी गई?
- उन्हें बुलेट प्रूफ गाड़ी दी गई, जेड सिक्योरिटी पहले से है। सुरक्षा रिव्यू के बाद इसमें घटत-बढ़त होती रहती है। सरकार उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर हैं।
0 ऐसी खबरें आई कि पंचकूला जलाने के लिए पांच करोड़ रुपये आए थे?
- यह जांच का विषय है। बहुत से पहलुओं पर जांच चल रही। उनके बारे में शेयर करेंगे तो जांच प्रभावित हो सकती है।
0 पंचकूला में उसी विस्फोट का इस्तेमाल हुआ, जो पंजाब के मोड़ मंडी बम ब्लास्ट में हुआ था?
- उचित समय पर हम सब कुछ शेयर करेंगे। फिलहाल बातचीत करने का मतलब है कि जांच प्रभावित हो जाएगी।
0 डेरा प्रबंधन कमेटी के सभी 45 सदस्य पुलिस के रडार पर हैं?
- हमने सभी को नोटिस दिए। फिलहाल मुख्य लोगों से पूछताछ चल रही है। जरूरत पडऩे पर सभी से पूछताछ करेंगे। हिंसा में शामिल 43 अन्य लोगों की तलाश के लिए पोस्टर निकाल दिए। कई अहम लोगों को पकड़ा जा चुका है।
0 डेरा चेयरपर्सन विपसना के फरार होने की खबरें आई। उन्होंने कई लोगों को शरण भी दी?
- वह भागी नहीं हैं। पुलिस जांच में लगातार सहयोग कर रही हैं। रोहतक से जो तीन लोग हनीप्रीत को अपने साथ ले गए थे, उनके बारे में भी विपसना से पूछताछ चल रही है।
0 वाहन जलाने व संपत्ति नुकसान की सैकड़ों एफआइआर झूठी मिली?
- हो सकता है। अभी तक 1092 लोग गिरफ्तार हो गए। जिन लोगों ने झूठी एफआइआर कराई, उन्हें रद कर देंगे। कोई कार्रवाई नहीं करेंगे। यह बड़ा इश्यू नहीं है। पंचकूला हिंसा में 35 और सिरसा में 6 कुल 41 लोग मारे गए।
0 डेरे में चले सर्च आपरेशन में कुछ खास नहीं मिला। पुलिस ने देरी कर दी?
- कोर्ट की देखरेख में आपरेशन चलाया गया। कोर्ट कमिश्नर अपनी रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। पूरी लिस्ट कोर्ट में पेश होगी। सरकार के पास भी आएगी।
0 आखिरी सवाल, रेयान स्कूल के छात्र प्रद्युम्न हत्याकांड में पुलिस को कुछ हाथ नहीं लगा?
- मुख्यमंत्री मनोहर लाल इस केस की सीबीआइ जांच की सिफारिश कर चुके हैं। अब पुलिस को सोमवार को जो चालान पेश करना था, वह नहीं होगा।
