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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 22, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पूर्व साधुओं की हाई कोर्ट से गुहार, शाह मस्ताना से जुड़ी संपत्ति न की जाए अटैच

By Kamlesh BhattEdited By:
Published: Fri, 22 Sep 2017 08:30 PM (IST)Updated: Sat, 23 Sep 2017 08:36 AM (IST)

डेरा सच्चा सौदा के पूर्व साधुओं ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। इसमें कहा गया है कि यदि ...और पढ़ें

पूर्व साधुओं की हाई कोर्ट से गुहार, शाह मस्ताना से जुड़ी संपत्ति न की जाए अटैच
पूर्व साधुओं की हाई कोर्ट से गुहार, शाह मस्ताना से जुड़ी संपत्ति न की जाए अटैच

जेएनएन, चंडीगढ़। डेरा सच्चा सौदा सिरसा के संस्थापक शाह मस्ताना के समय साधु रहे कई लोगों ने वकील एमएस जोशी के माध्यम से हाई कोर्ट में अर्जी दायर की है। अर्जी में कोर्ट से आग्रह किया गया है कि यदि डेरा की संपत्ति अटैच की जाती है तो शाह मस्ताना से जुड़ी संपत्ति अटैच न की जाए। अर्जी में कहा गया है कि शाह मस्ताना ने 17 नाम चर्चा घरों की स्थापना की थी। यह नाम चर्चा घर पुराने साधुओं की भावना से जुड़े हैं और इनका कोई व्यापारिक प्रयोग भी नहीं होता। यह अर्जी शुक्रवार को हाई कोर्ट की रजिस्ट्री में दायर की गई है। इस पर सुनवाई अगले सप्ताह हो सकती है।

फकीर चंद  मर्डर केस की सुनवाई स्थगित

डेरा सच्चा सौदा के संस्थापक शाह मस्ताना के मैनेजर फकीर चंद मर्डर केस की सुनवाई 1 नवम्बर तक के लिए स्थगित हो गई।  आरोप है कि फकीर चंद को गुरमीत राम रहीम ने मरवा दिया था। रामकुमार बिश्नोई द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि इस मामले की सही जांच नही हुई और 2010 में जांच की  कैंसिलेशन रिपोर्ट को निचली अदालत ने स्वीकार कर लिया। यह सब गुरमीत राम रहीम के दवाब में हुआ। याचिका में मामले की दोबारा जांच की मांग की गई है।

नुकसान की भरपाई डेरे से किए जाने की अपील

इसी तरह एक अर्जी में डेरा प्रकरण के दौरान हुई नुकसान की भरपाई डेरे से किए जाने की अपील की गई है। साथ ही अनुरोध किया है कि राज्य के खिलाफ  आंदोलन करने वालों को नौकरी और मुआवजा न दिया जाए। हाई कोर्ट ने इस अर्जी पर सुनवाई की तारीख मुख्य केस के साथ 27 सितंबर तय की है।

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