विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 21, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

चचेरे भाई से ली नकली नोट बनाने की ट्रेनिंग, अंधेरे में करते थे कांड, गिरफ्तार

By Amit MishraEdited By:
Published: Fri, 21 Jul 2017 03:54 PM (IST)Updated: Fri, 21 Jul 2017 09:30 PM (IST)

सोमवीर की जेब से 500-500 के दो नोट एवं सूरज की जेब से 500 का एक नोट बरामद किया गया। जांच में तीनों नोट नकली निकले।

चचेरे भाई से ली नकली नोट बनाने की ट्रेनिंग, अंधेरे में करते थे कांड, गिरफ्तार
चचेरे भाई से ली नकली नोट बनाने की ट्रेनिंग, अंधेरे में करते थे कांड, गिरफ्तार

गुरुग्राम [जेएनएन]। नकली नोट बनाकर रात के अंधेरे में असली के रूप में चलाने वाले दो आरोपियों को क्राइम ब्रांच ने सुल्तानपुर रोड से गिरफ्तार किया है। दोनों के कब्जे से 500-500 के तीन नकली नोट भी बरामद किए गए हैं।

क्राइम ब्रांच को सूचना मिली कि नकली नोट बनाकर असली के रूप में चलाने वाले दो लोग बाइक से गुरुग्राम आने वाले हैं। वे सुल्तानपुर रोड से गढ़ी हरसरू होते हुए आएंगे। सूचना के आधार पर टीम ने नाकेबंदी कर दी। कुछ देर बाद एक बाइक पहुंची। नाका देखकर बाइक चालक ने पीछे मुड़ने का प्रयास किया लेकिन तब तक पुलिस उसके नजदीक पहुंच गई।

पूछताछ में दोनों की पहचान झज्जर के गांव खेड़ी जट्ट निवासी सोमबीर एवं रोहतक के गांव खिड़वाली निवासी सूरज के रूप में की गई। बाइक सोमबीर के नाम है। तलाशी के दौरान सोमवीर की जेब से 500-500 के दो नोट एवं सूरज की जेब से 500 का एक नोट बरामद किया गया। जांच में तीनों नोट नकली निकले। दोनों के खिलाफ सेक्टर-10 थाने में मामला दर्ज किया गया है। 

चचेरा भाई बनाता था नकली नोट

पूछताछ में आरोपी सोमवीर ने बताया कि तीन साल पहले उसने अपने चाचा के लड़के को रोहतक में नकली नोट बनाते हुए देखा था। वहीं पर उसने नकली नोट बनाना सीखा। चचेरा भाई रोहतक पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है। फिलहाल झज्जर के दुलीना जेल में बंद है।

इसके बाद भी सोमवीर के दिमाग से नकली नोट बनाने की बात नहीं निकली। उसने अपने साथी सूरज के साथ मिलकर अजमेर में नकली नोट बनाना शुरू किया। नोट छापने वाली मशीन दिल्ली से खरीदी थी। नोट छापने के बाद रात के अंधेरे में नकली नोट को असली के रूप में चलाते थे।

पुलिस पूछताछ के माध्यम से नोट छापने वाली मशीन व अन्य सामग्री बरामद करने के प्रयास में जुटी है। दोनों नकली नोट बनाने से पहले रोहतक में कमरा किराये पर लेकर प्लंबर का काम करते थे।

यह भी पढ़ें: नेशनल कबड्डी खिलाड़ी से उसी दिन दोबारा हुआ था गैंगरेप, 10 दिन बाद खुला राज

यह भी पढ़ें: गर्भवती होने पर खुला राज, सहेली के कहने पर दोस्त के घर गई थी नाबालिग