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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 24, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जमीन का चार गुना मुआवजा नहीं दे सकती सरकार : मनोहर

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Published: Sun, 24 Jul 2016 08:38 PM (IST)Updated: Sun, 24 Jul 2016 09:04 PM (IST)

मुख्‍यमंंत्री मनोहर लाल ने कहा कि राज्‍य सरकार लोगों को विकास कार्य के लिए ली गई जमीन का चार गुना मुअावजा नहीं दे सकती।

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जागरण संवाददाता, बहादुरगढ़। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि सरकार विकास कार्यों के लिए जरूरी जमीन का अधिग्रहण कलेक्टर रेट से 20 फीसद अधिक रेट पर ही कर सकती है। भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत जमीन अधिग्रहण का कलेक्टर रेट से चार गुणा मुआवजा सरकार किसी भी हालत में नहीं दे सकती।

वह यहां रविवार को जनविकास रैली को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार इस अधिनियम के तहत जमीन का अधिग्रहण करने लगी तो प्रदेश का विकास ही रुक जाएगा। इसीलिए सरकार विकास कार्यों को गति देने के लिए बीच का रास्ता निकालकर इच्छुक किसानों से जमीन देने का आह्वान करेगी। किसान जमीन देने के लिए तैयार होंगे तो विकास का कोई भी काम करवाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कलेक्टर रेट कम होते थे, लेकिन अब सरकार ने मार्केट रेट के आसपास कलेक्टर रेट तय किए हैं। ऐसे में सरकार ने कलेक्टर रेट से 20 फीसद अधिक रेट पर जमीन का अधिग्रहण करने का निर्णय लिया है। जनविकास रैली में मुख्यमंत्री ने बहादुरगढ़ में करीब 93 करोड़ की विकास योजनाएं जनता को समर्पित की तथा करीब 300 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए 10-10 करोड़ रुपये देने की भी घोषणा की।

बहादुरगढ़ में अायोजित जन विकास रैली में मुख्यमंत्री मनोहर लाल।

सीएम के निशाने पर रहे हुड्डा

रैली में मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ-साथ शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा और कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ के निशाने पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ही रहे। रैली के भाषणों पर जब राजनीतिक रंग चढ़ा तो मुख्यमंत्री ने तो साफ कहा कि हमारी सरकार किसी बदले की भावना से काम नहीं कर रही है। यदि ऐसा होता तो सत्ता के पहले दिन यह नजर भी आ जाता।

रामबिलास और धनखड़ ने हुड्डा पर व्यंग्य कसते हुए कहा कि जो बोया है, उसे तो काटना ही पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री हथकड़ी की खनक से घबराए हुए हैं। ईडी की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के खिलाफ केस दर्ज किए जाने के मसले पर मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने कहा कि अभी जांच हो रही है। वैसे भी एफआइआर दर्ज हो जाना किसी मामले का परिणाम नहीं है। जब आरोप सिद्ध होंगे, तब स्थिति साफ होगी।

नहीं आए मनोहर सरकार के तीन मंत्री

रैली में वित मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज और लोकनिर्माण मंत्री राव नरबीर सिंह को भी बुलाया गया था। उद्घाटन पत्थरों में भी इन तीनों मंत्रियों के नाम लगे हुए थे, लेकिन ये तीनों समारोह में नहीं पहुंचे। रामबिलास शर्मा भी करीब एक घंटा देरी से रैली में पहुंचे थे।

गाय, गीता और गायत्री को समर्पित है सरकार : रामबिलास

शिक्षा एवं पर्यटन मंत्री रामबिलास शर्मा रैली में कहा कि केंद्र और हरियाणा सरकार गाय, गीता और गायत्री को समर्पित होकर काम कर रही है। गो संवर्धन-गो संरक्षण के चलते आज भारतीय नस्लों की गाय पालने के प्रति लोगों में रुचि बढ़ी है। बहादुरगढ़ से लगाव का जिक्र करते हुए कहा कि वे 1970 में यहां आया करते थे। इस क्षेत्र के विकास के लिए विधायक की ओर से रखी गई सभी मांगों का उन्होंने समर्थन किया।

नाम से ही नहीं काम से भी मनोहर हैं सीएम : धनखड़

कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने मुख्यमंत्री को नाम के साथ ही कर्म से भी मनोहर की संज्ञा देते हुए उन्हें हरियाणा की ढाई करोड़ जनता के कल्याण को समर्पित तपस्वी बताया। धनखड़ ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार ने जय जवान-जय किसान के नारे को सार्थक किया है।

विधायक ने रखी मांगें

रैली के संयोजक एवं विधायक नरेश कौशिक ने मंच से मुख्यमंत्री के समक्ष इलाके की जरूरतों व विकास से जुड़ी नई योजनाओं को लेकर मांग पत्र पढ़ा। इसमें पीने के पानी, स्वच्छता व बहादुरगढ़ शहर की जरूरतों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र से जुड़ी मांगों पर फोकस रहा। विधायक कौशिक ने अतिथियों का स्वागत करते हुए उन्हें स्मृति चिह्न भेंट किए।