यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 03, 2012 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दिमाग चाहे तो छुड़ा सकता है बुरी आदतें
वाशिगटन। बुरी आदतें सिर्फ मन में ठान लेने से ही नहीं छूटतीं। इनका सीधा संबंध दिमाग से होता है। हमारे ...और पढ़ें

वाशिगटन। बुरी आदतें सिर्फ मन में ठान लेने से ही नहीं छूटतीं। इनका सीधा संबंध दिमाग से होता है। हमारे दिमाग में यह क्षमता होती है कि वह जब चाहे बुरी आदतों के लिए अपने दरवाजे बंद कर दे। मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआइटी) के एक अध्ययन में यह बात सामने आई है। इसके मुताबिक तमाम तरह की आदतों को हरी झडी देने और रोकने का काम दिमाग का पीछे वाले हिस्सा कॉर्टेक्स करता है। यह वह हिस्सा होता है जहा विचार प्रक्त्रिया चलती है और योजनाएं बनती हैं। आदतें अपनाने न अपनाने के हमारे पल-पल के फैसले पर इसी का नियंत्रण होता है। इस निष्कर्ष पर पहुंचे दल के एक अनुसंधानकर्ता एन ग्रेबिएल ने कहा कि यह जानकारी उन लोगों के लिए फायदेमंद हो सकती है, जो अपनी बुरी आदतें छोड़ने का मन बना रहे हैं। यह अध्ययन चूहों पर किया गया है।
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