विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 09, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गांधीजी के पौत्र कनुभाई पंचतत्व में विलीन

By Bhupendra SinghEdited By:
Published: Wed, 09 Nov 2016 02:30 AM (IST)Updated: Wed, 09 Nov 2016 02:42 AM (IST)

महात्मा गांधी के पौत्र कनुभाई का अंतिम संस्कार मंगलवार को सूरत के उमरा श्मशान गृह में हुआ। कोई संतान नहीं होने के कारण पत्नी शिवालक्ष्मी ने उन्हें मुखाग्नि दी।

News Article Hero Image

जागरण संवाददाता, अहमदाबाद। महात्मा गांधी के पौत्र कनुभाई का अंतिम संस्कार मंगलवार को सूरत के उमरा श्मशान गृह में हुआ। कोई संतान नहीं होने के कारण पत्नी शिवालक्ष्मी ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस मौके पर भाजपा और कांग्रेस के कई नेताओं सहित भारी तादाद में आम लोग भी मौजूद थे।
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा में वैज्ञानिक रहे 87 वर्षीय कनुभाई गांधी का निधन सोमवार देर शाम सूरत के निजी अस्पताल में हो गया था। 22 अक्टूबर को हृदयाघात, मस्तिष्काघात और आधे शरीर के पक्षाघात के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह कोमा में चले गए थे। उनके एक फेफड़े ने भी काम करना बंद कर दिया था।
अंतिम दर्शन के लिए उनके पार्थिव शरीर को पीएन अरोड़ा चैरिटेबल ट्रस्ट के परिसर में रखा गया था। यहां उन्हें गुजरात सरकार के मंत्री कनुभाई वानाणी, पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने श्रद्धांजलि दी। बाद में उनके पार्थिव देह को उमरा श्मशान गृह ले जाया गया। यहां उन्हें पंचतत्व में विलीन कर दिया गया।
कनुभाई के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शोक व्यक्त किया है।

पढ़ें:महात्मा गांधी के पौत्र कनु गांधी का निधन

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।