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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 28, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्‍तराखंड चुनाव 2017: पूर्व कैबिनेट मंत्री मातबर सिंह कंडारी कांग्रेस में शामिल

By Gaurav KalaEdited By:
Published: Sat, 28 Jan 2017 07:17 PM (IST)Updated: Sun, 29 Jan 2017 07:15 AM (IST)

उत्‍तराखंड चुनाव के मद्देनजर पूर्व कैबिनेट मंत्री मातबर सिंह कंडारी ने कांग्रेस ज्‍वाइन कर ली। इससे पहले भी वह भाजपा ...और पढ़ें

उत्‍तराखंड चुनाव 2017: पूर्व कैबिनेट मंत्री मातबर सिंह कंडारी कांग्रेस में शामिल
उत्‍तराखंड चुनाव 2017: पूर्व कैबिनेट मंत्री मातबर सिंह कंडारी कांग्रेस में शामिल

देहरादून, [राज्य ब्यूरो]: दो साल पहले ही कांग्रेस में शामिल होने को अपनी सबसे बड़ी भूल बताने और भाजपा के लिए झाडू तक उठाने की बात कहने वाले पूर्व कैबिनेट मंत्री मातबर सिंह कंडारी ने एक बार फिर कांग्रेस पर ऐतबार जताया है। भाजपा पर परिवारवाद और कार्यकर्ताओं की अपेक्षा का आरोप लगाते हुए उन्होंने अपने बेटे राजीव कंडारी व भाजपा के जिलाध्यक्ष डॉ. आनंद सिंह बोरा के साथ कांग्रेस का हाथ थाम लिया।

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2017 के मद्देनजर भाजपा के पूर्व कैबिनेट मंत्री और कई बार चुनाव में भाजपा टिकट पर विधायक बने मातबर सिंह कंडारी ने पिछले छह साल में दूसरी बार भाजपा का साथ छोड़ा है। दरअसल, मातबर सिंह कंडारी ने 1991 में कांग्रेस का साथ छोड़कर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी।

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इसके बाद वह उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कई बार रूद्रप्रयाग से विधायक चुने गए। वर्ष 2012 में अपने साढू भाई व तब कांग्रेस के टिकट से चुनाव लड़ रहे पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत से चुनाव हार गए थे। इसके बाद उन्होंने टिहरी लोकसभा उपचुनाव में भाजपा के टिकट के लिए दावेदारी की।

टिकट नहीं मिलने पर नाराज होकर उन्होंने सितंबर, 2012 में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली। कांग्रेस में वह अलग-थलग पड़े रहे। अप्रैल, 2014 में लोकसभा चुनाव से पहले उनकी एक बार फिर भाजपा के प्रति आस्था जागी। भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने उनकी पार्टी में आने की राह खोली।

इस दौरान उन्होंने कांग्रेस में जाने को अपनी सबसे बड़ी गलती करार देते हुए माफी भी मांगी थी। इस बार वह रुद्रप्रयाग सीट से फिर से अपनी दावेदारी कर रहे थे। टिकट न मिलने पर उन्होंने अपने पुत्र के साथ भाजपा को अलविदा कहकर कांग्रेस का दामन थाम लिया है।

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उन्होंने कांग्रेस मुख्यालय में मुख्यमंत्री हरीश रावत व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्यक्ष की मौजूदगी में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान उन्होंने कहा कि भाजपा में परिवारवाद हावी हो गया है। भाजपा को केवल अब चापलूसों की जरूरत है। प्रदेश के विकास की चाह में वह कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने उनके साथ भाजपा के वरिष्ठ नेता दरबान सिंह, सूरत सिंह चौहान, संदीप थपलियाल के अलावा हाजी सैय्यद हुसैन जैदी आदि को कांग्रेस में शामिल करने की घोषणा की।

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