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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 07, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पहली बार MCD चुनाव लड़ने जा रही योगेंद्र यादव की पार्टी को लगा बड़ा झटका

By JP YadavEdited By:
Published: Fri, 07 Apr 2017 08:43 AM (IST)Updated: Fri, 07 Apr 2017 04:14 PM (IST)

स्वराज इंडिया के 24 प्रत्याशियों का नामांकन तकनीकी कारणों के चलते रद कर दिए गए हैं। इन प्रत्याशियों में 13 महिलाएं भी हैं।

पहली बार MCD चुनाव लड़ने जा रही योगेंद्र यादव की पार्टी को लगा बड़ा झटका
पहली बार MCD चुनाव लड़ने जा रही योगेंद्र यादव की पार्टी को लगा बड़ा झटका

नई दिल्ली (जेएनएन)। स्वराज इंडिया के 24 प्रत्याशियों का नामांकन तकनीकी कारणों के चलते रद कर दिए गए हैं। इन प्रत्याशियों में 13 महिलाएं भी हैं। स्वराज इंडिया के प्रवक्ता अनुपम का नामांकन रद करने का अजीबो-गरीब कारण बताया गया है।

एक महिला प्रत्याशी ने महिला व पुरुष बताने के लिए बने एक कॉलम में टिक नहीं किया। एक प्रत्याशी का नामांकन इसलिए रद किया गया क्योंकि उसने सभी जगह हस्ताक्षर किए लेकिन एक जगह छोड़ दिया। दो का इसलिए रद हुआ, क्योंकि अपने दस प्रस्तावक के हस्ताक्षरों में से एक का हस्ताक्षर नहीं लिया।

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कुछ प्रत्याशियों का नामांकन इसलिए रद हुआ क्योंकि वह अपने दस प्रस्तावकों को साथ लेकर गए थे जिससे आरओ (रिटर्निग आफिसर) के सामने हस्ताक्षर करवाएं, लेकिन उन्हें घुसने नहीं दिया गया और इसलिए उनका निरस्त हुआ। एक का इसलिए कि आपको पति का नाम देना था आपने पिता का नाम क्यों दिया।

तकनीकी रूप से स्वराज इंडिया पार्टी को चुनाव लड़ने के लिए समान चुनाव चिह्न नहीं मिला है। इस कारण चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों ने एक निर्दलीय की तरह नामांकन पत्र दाखिल किया था।

बृहस्पतिवार को उक्त सभी प्रत्याशी स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव के नेतृत्व में शिकायत लेकर दिल्ली के चुनाव आयुक्त एसके श्रीवास्तव से मिले।

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योगेंद्र यादव ने उन्हें बताया कि यह तो चुनाव व्यवस्था का मखौल है। खासकर के तब जब कि भाजपा और आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार के ऐसी ही दिक्कतों को आंखों के सामने ठीक किया जा रहा था, लेकिन स्वराज इंडिया उम्मीदवार के साथ नहीं किया गया।

चुनाव आयोग के अधिकारियों को नियम एवं कानून स्पष्ट किया गया जिसके बाद उन्हें मानना पड़ा कि ये सब बातें कानून में लिखी हुई हैं। उन्हें बताया गया कि किस तरीके से रिटर्निग ऑफिसर ने भेदभाव के साथ काम किया है।

काफी जद्दोजहद के बाद दिल्ली चुनाव आयोग ने यह निर्देश सभी रिटर्निंग ऑफिसर को भेजा है कि वह अपने पुराने फैसले, जिसके आधार पर उन्होंने स्वराज इंडिया के प्रत्याशियों का नामांकन रद किया गया था, उसकी आज की तारीख में समीक्षा करें, लेकिन देर शाम तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

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