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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 23, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

स्मार्ट सिटी की उड़ान को जल्‍द लगेंगे हकीकत के पंख

By Ramesh MishraEdited By:
Published: Tue, 23 Jun 2015 02:04 PM (IST)Updated: Tue, 23 Jun 2015 04:41 PM (IST)

मोदी सरकार के महत्वाकांक्षी स्मार्ट सिटी मिशन की उड़ान को गुरुवार को हकीकत के पंख लग जाएंगे। इस दिन प्रधानमंत्री ...और पढ़ें

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नई दिल्ली, [सुरेंद्र प्रसाद सिंह]। मोदी सरकार के महत्वाकांक्षी स्मार्ट सिटी मिशन की उड़ान को गुरुवार यानी 25 जून को हकीकत के पंख लग जाएंगे। इस दिन दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को स्मार्ट सिटी मिशन की सौगात देंगे। मिशन के तहत देशभर के विभिन्न राज्यों में एक सौ अनूठे शहर बसाए जाएंगे। वहीं देश के 476 शहरों को अमृत विकास योजना का हिस्सा बनाया गया है।

स्मार्ट सिटी के बारे में ये बातें भी जानें...

इसी मौके पर सबको आवास देने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना और ‘अमृत’ लांच की जाएगी। शहरों के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए अटल शहरी पुनर्निर्माण मिशन की भी शुरुआत की जाएगी। शहरी विकास के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए देश के पांच सौ प्रमुख शहरों के मेयर भी आमंत्रित किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शहरों के जनप्रतिनिधियों से रूबरू होकर समस्याओं से भी वाकिफ होंगे। मोदी सरकार ने केंद्र में सत्तारूढ़ होने के साथ ही देश में एक सौ स्मार्ट सिटी बसाने का एलान किया था। अपनी तरह के अनूठे शहर बसाने की इस योजना को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे, जिसे अब जमीन पर उतारने की तैयारी कर ली गई है।

स्मार्ट सिटी मिशन में अपनी सहभागिता दर्ज कराने के लिए दुनिया के प्रमुख 15 देशों ने अपनी इच्छा जताई है। प्रधानमंत्री इस मौके पर तीनों प्रमुख योजनाओं के लोगो व टैग लाइन भी जारी करेंगे। विज्ञान भवन में आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन में शहरी विकास के विभिन्न मॉडलों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। इस दौरान खुले में शौच मुक्त छत्तीसगढ़ के शहरों के मॉडल, तमिलनाडु के सार्वजनिक शौचालयों पर जोर और पुणे की जलापूर्ति प्रणाली के साथ कई अन्य शहरों के सफल कहानी की प्रस्तुति होगी। केंद्रीय कैबिनेट ने अगले पांच सालों में 48 हजार करोड़ की लागत से स्मार्ट सिटी बसाने और 50 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली अमृत योजना के साथ अगले सात सालों में शहरी क्षेत्रों में दो करोड़ आवास बनाने जैसी परियोजनाओं को पहले ही मंजूरी दे दी है।

शहरी गरीबों को मकान देने के लिए पिछले सप्ताह ही सरकार ने उनके आवासीय ऋण में 6.50 फीसद की भारी रियायत देने का फैसला किया है। इसके अलावा देश के उन 500 शहरों की बढ़ती आबादी के लिए बुनियादी ढांचा मुहैया कराने के लिए अमृत योजना शुरू की जाएगी।

प्रदेशवार नामित 'स्मार्ट' एवंं 'अमृत' शहरों की संख्या

संख्या प्रदेश/केंद्र शासित नामित स्मार्ट शहरों की संख्या चिन्हित किए गए 'अमृत' शहर
1. अंडमान निकोबार 1 1
2. आंध्र प्रदेश 3 31
3. अरुणाचल प्रदेश 1 1
4. असाम 1 7
5. बिहार 3 27
6. चंडीगढ़ 1 1
7. छत्तीसगढ़ 2 10
8. दमन और दीव 1 1
9. दादरा एवं नागर हवेली 1 1
10. दिल्ली 1 1
11. गोवा 1 3
12. गुजरात 6 31
13. हरियाणा
2 19
14. हिमाचल प्रदेश 1 1
15. जम्मू और कश्मीर 1 3
16. झारखंड 1 11
17. कर्नाटक 6 27
18. केरल 1 18
19. लक्षद्वीप 1 1
20. मध्य प्रदेश 7 33
21. महाराष्ट्र 10 37
22. मणिपुर 1 1
23. मेघालय 1 1
24. मिजोरम 1 1
25. नगालैंड 1 2
26. ओडिशा 2 9
27. पुडुचेरी 1 1
28. पंजाब 3 17
29. राजस्थान 4 30
30. सिक्किम 1 1
31. तमिलनाडु 12 33
32. तेलंगाना 2 15
33. त्रिपुरा 1 1
34. उत्तर प्रदेश 13 54
35. उत्तराखंड 1 7
36. पश्चिम बंगाल 4 28
कुल 100 476