यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 05, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
संसद में उठा विदेशी छात्रों पर हमले का मुद्दा,विदेश मंत्री ने दिया जवाब
दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा में अफ्रीकी मूल के छात्रों पर हुए नस्लीय हमले की अफ्रीकी देशों के राजनयिकों द्वारा कड़ी निंदा करने के साथ मामला गर्मा गया है।

नई दिल्ली (जेएनएन)। दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा में अफ्रीकी मूल के छात्रों पर हुए नस्लीय हमले की अफ्रीकी देशों के राजनयिकों द्वारा कड़ी निंदा करने के साथ मामला गर्मा गया है। पिछले दिनों राजनयिकों ने गहरी चिंता जताते हुए कहा था कि उन्हें भारत सरकार से जिस तरह की कार्रवाई की उम्मीद थी उसकी अपेक्षा में जो कदम उठाए गए वे पर्याप्त नहीं हैं। वहीं, इस मुद्दे पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज बुधवार को लोकसभा में बयान दिया। उन्होंने कहा- 'छात्रों पर हमले को जांच पूरी होने से पहले ही नस्लीय हमला कहना गलत होगा। यह बात मैं अमेरिका में हुए हमलों के संदर्भ में भी कह रही हूं।'
Not right to connect with racism before probe ends. I said this in context of attacks in US too: EAM Swaraj in LS on attacks on Africans
— ANI (@ANI_news) April 5, 2017
विदेश मंत्री ने संसद में विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि आप ऐसा नहीं कह सकते हैं कि सरकार द्वारा उठाए गए कदम अपर्याप्त हैं। हम भारत में विदेशी छात्रों को पूरी सुरक्षा देने के प्रति प्रतिबद्ध हैं।
गौरतलब है कि यूपी के ग्रेटर नोएडा में बीती 27 मार्च को चार नाइजीरियाई हात्रों पर हमला किया गया था। यह हमला एक रिहायशी कॉलोनी में रह रहे 12वीं क्लास के स्टूडेंट की ड्रग्स ओवरडोज से हुई मौत को लेकर एक विरोध-प्रदर्शन के बाद हुआ था।
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आरोप है कि कैंडल लाइट प्रदर्शन करने वाले कुछ लोगों ने मादक पदार्थ बेचने के शक में नाइजीरियाई छात्रों की पिटाई कर दी थी। इसके बाद बीते 31 मार्च को भी ग्रेटर नोएडा के एक मॉल में दो छात्रों की बुरी तरह पिटाई की गई।
इस पर एक अफ्रीकी छात्र सादिक बेलो ने सुषमा स्वराज को ट्वीट कर मामले में तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया था जिसके बाद सुषमा ने आदित्यनाथ से बात की थी। वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार ने विदेशी छात्रों की सुरक्षा के साथ निष्पक्ष जांच का अाश्वासन दिया था।
