यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 05, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
विदेश छात्रों पर हमले को लेकर छलका इस क्रिकेट खिलाड़ी का दर्द
अफजल खान ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका में जितना सम्मान नेल्सन मंडेला का किया जाता है उससे कहीं ज्यादा सम्मान महात्मा गांधी का किया जाता है।

नोएडा (प्रभात उपाध्याय)। महात्मा गांधी हमारे देश में आकर रंगभेद के खिलाफ लड़े, लेकिन अब उन्हीं के देश में अफ्रीकी नागरिकों पर हमला हो रहा है। यह दुखद है। ऐसे हमले तत्काल बंद होने चाहिए।’ यह कहना है कि दक्षिण अफ्रीका के पश्चिमी केप प्रांत (वेस्टर्न केप) की क्रिकेट टीम के कप्तान अफजल खान का। पश्चिमी केप की टीम नोएडा में इंडिया-दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट एकेडमीज कप में हिस्सा लेने पहुंची है।
दैनिक जागरण से बातचीत में अफजल खान ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका में जितना सम्मान नेल्सन मंडेला का किया जाता है उससे कहीं ज्यादा सम्मान महात्मा गांधी का किया जाता है। तमाम चौक-चौराहे और सरकारी प्रतिष्ठान में उनकी प्रतिमाएं लगी हैं।
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दक्षिण अफ्रीका ही क्यों, अन्य अफ्रीकी देशों में भी महात्मा गांधी की बहुत इज्जत है, क्योंकि वे अन्याय के खिलाफ लड़े और रंगभेद के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। उन्होंने हिंसा का जवाब अहिंसा से दिया, लेकिन अब उनके ही देश में अफ्रीकी नागरिकों पर नस्लीय टिप्पणियां और हमले किए जा रहे हैं।
यह बेहद दुखद है। ऐसे हमले तुरंत बंद हों और रिश्तों में मिठास घोलने की पहल होनी चाहिए। अफजल खान ने कहा कि भारत आने से पहले मैंने यहां अफ्रीकी नागरिकों के साथ मारपीट की घटनाओं के बारे में सुना था और थोड़ा डरे भी थे, लेकिन हम ग्रेटर नोएडा के जिस क्राउन प्लाजा होटल में ठहरे हैं वहां का स्टाफ बहुत मिलनसार है।
उन्होंने हमारी खूब मेहमाननवाजी की। यहां की संस्कृति-सभ्यता से रूबरू कराया। भारत अपने इसी स्वभाव की वजह से दुनिया भर में जाना जाता है। इस पहचान को और मजबूत करना चाहिए।
