यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 31, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कैदियों को तनाव मुक्त रखने की पहल, तिहाड़ में नियुक्त किए जाएंगे मनोवैज्ञानिक
माज से अलग-थलग पड़ जाने के कारण चारदीवारी के अंदर बंद कैदियों में मानसिक अवसाद तो बढ़ता ही है, कैदियों की अत्यधिक संख्या भी तनाव का कारण बनता है।

नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। तिहाड़ जेल में कैदियों को मानसिक रूप से स्वस्थ रखने के लिए बड़े पैमाने पर क्लीनिकल मनोवैज्ञानिक व मनोचिकित्सीय सामाजिक कार्यकर्ता नियुक्त किए जाएंगे। दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने उनकी नियुक्त के लिए नियम तैयार किया है। उसकी स्वीकृति मिलने के बाद मनोवैज्ञानिकों व सामाजिक कार्यकर्ताओं की नियुक्ति की राह साफ हो जाएगी।
कैदियों में अवसाद बड़ी समस्या है। वैसे भी तिहाड़ जेल में क्षमता से दोगुने से अधिक कैदी है। वर्तमान समय में करीब 14,500 कैदी हैं। समाज से अलग-थलग पड़ जाने के कारण चारदीवारी के अंदर बंद कैदियों में मानसिक अवसाद तो बढ़ता ही है, कैदियों की अत्यधिक संख्या भी तनाव का कारण बनता है। इसे ध्यान में रखते हुए 21 मनोवैज्ञानिक व 17 मनोचिकित्सीय सामाजिक कार्यकर्ता नियुक्त किए जाएंगे। जो कैदियों को तनाव मुक्त रहने में उनकी मदद करेंगे।
