यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 28, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
JNU के लापता छात्र नजीब की तलाश में दरगाहों की खाक छान रही है पुलिस
एसआइटी के अधिकारी का कहना है कि देश में करीब 25 बड़ी दरगाहें हैं, जिनकी सूची तैयार कर ली गई ...और पढ़ें

नई दिल्ली [राकेश कुमार सिंह]। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर से रहस्यमय हालत मेंं गायब हुए छात्र नजीब अहमद की तलाश में दिल्ली पुलिस की एसआइटी अब देश की सभी बड़ी दरगाहो की खाक छान रही है। तमाम प्रयास के बावजूद नजीब के नहीं मिलने से पुलिस अधिकारियों का मानना है कि वह किसी दरगाह में जाकर अपनी वेशभूषा बदलकर छिपा है।एसआइटी दरगाहों के मौलानाओं तथा आसपास के लोगों व दुकानदारों को नजीब की तस्वीरें दिखाकर उसके बारे में जानकारी प्राप्त करने की कोशिश कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक पिछले कुछ दिनों मे एसआइटी उत्तर प्रदेश के बरेली, बदायूं व अलीगढ़ के अलावा कई दरगाहों में नजीब की तलाश कर चुकी है। राजस्थान के अजमेर शरीफ में भी उसकी तलाश की गई। एसआइटी के अधिकारी का कहना है कि देश में करीब 25 बड़ी दरगाहें हैं, जिनकी सूची तैयार कर ली गई है। आधा दर्जन टीमें उन जगहों पर जाकर नजीब की तलाश करेगी। कई दरगाहों में तलाशी ली जा चुकी है।
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दिल्ली में भी लगभग छोटी- बड़ी 22 दरगाहे हैं जहां जाकर तलाशी ली जा चुकी है, लेकिन वह नहीं मिला। अधिकारी के अनुसार 60 पुलिसकर्मियों की टीम सादे कपड़ों में जेएनयू परिसर में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। इसके अलावा दिल्ली के 1000 से अधिक सरकारी व निजी अस्पतालों में नजीब के होने की संभावना के मद्देनजर तलाश की गई। सभी रेलवे स्टेशनों व बस अड्डो पर भी तलाश की गई। पिछले 15 दिनों में दिल्ली के सभी थाना क्षेत्रों में जितने भी अज्ञात लोगों की सड़क हादसे मे मौत हुई, लावारिस शव पाए गए, अचेत और तनाव ग्रस्त लोग पाए गए, उन सभी को देखा गया।
जेएनयू के जंगलों मे चप्पे-चप्पे की तलाशी ली गई। जंगल में जहां भी नई मिट्टी जैसा लगा वहां खोदकर भी जांच की गई। यही नहीं एक हफ्ता पहले उसकी जानकारी देने वाले को एक लाख रुपये का ईनाम देने की घोषणा भी हुई। बावजूद इसके नतीजा सिफर है।
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देरी से पुलिस की साख पर उठ रहे सवाल
नजीब को लापता हुए करीब 15 दिन बीत गए हैं, लेकिन अब तक उसे न खोज पाने से दिल्ली पुलिस की कार्य क्षमता पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। जेएनयू छात्रसंघ व वामपथी छात्र संगठनों ने राजनीति तेज कर दी है। वामपंथी छात्र संगठनों द्वारा इस मसले को सांप्रदायिक रूप देने की कोशिश की जा रही है। ऐसे में गृह मंत्रालय से भी दिल्ली पुलिस पर नजीब को जल्द ढूंढने के लिए लगातार दबाव बना हुआ है। पुलिस आयुक्त आलोक कुमार वर्मा से लगातार रिपोर्ट मांगी जा रही है।
