यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 07, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
NGT की दो टूक, दिल्ली में स्मॉग कम न हुआ तो अफसरों की खैर नहीं
दिल्ली में कोहराम मचा रहे प्रदूषण पर एनजीटी सख्त हो गया है। उसने दिल्ली सरकार को हिदायत दी है कि अगर यह प्रदूषण कम नहीं हुआ तो अफसर नपेंगे।

नई दिल्ली (जेएनएन)। राजधानी मे बढ़ते स्मॉग पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने फिर चिंता जताई है। एनजीटी के चेयरपर्सन स्वतंत्र कुमार की पीठ ने दिल्ली सरकार को वायु प्रदूषण के इस मुद्दे को गंभीरता से न लेने पर जमकर फटकार लगाई। स्मॉग को लेकर आज सुनवाई में एनजीटी ने दिल्ली सरकार के अलावा, केंद्र सरकार, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, यूपी की सरकारों की फटकार लगाई है।
आज सुनवाई के दौरान एनजीटी ने कहा कि दिल्ली से प्रदूषण कम करने के लिए दिल्ली सरकार को एक्शन में आना होगा। साथ ही चेतावनी देते हुए कहा कि अगर प्रदूषण कम करने को लेकर काम नहीं हुआ तो अफसरों को जेल तक भेजा जाएगा।
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एनजीटी ने दिल्ली सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सरार बताए बिल्डरों पर कितने केस किेेए ? कूड़ा जलाने वालों पर क्या कार्रवाई हुई?।
पिछली सुनवाई में एनजीटी ने साफ कहा था कि इस बैठक में सरकार के पर्यावरण एवं वन विभाग सचिव, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी के चेयरमैन व सदस्य सचिव शामिल हों। यह फटकार आज सुनवाई के दौरान लगी।
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पिछली सुनवाई में एनजीटी ने पूछा था कि दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर क्या है? सभी सिविक एजेसियां कह रही है कि प्रदूषण नहीं है, लेकिन प्रदूषण पर निगरानी करने वाली एजेसियां काफी अधिक प्रदूषण होने की रिपोर्ट दे रही हैं। यहां पीएम लेवल 10 तक पहुंच गया है, जो तय मानकों से अधिक है। एनजीटी ने कहा कि वायु प्रदूषण के इस मुद्दे पर किसी राज्य का लापरवाहपूर्ण रवैया हम बर्दाश्त नहीं कर सकते।
यहां पर याद दिला दें कि पिछले 17 साल में सबसे खतरनाक धुंध की वजह से घातक वायु की मोटी परत में लिपटी दिल्ली में सांस लेने में दिक्कत, दमा और एलर्जी के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। चिकित्सकों और विशेषज्ञों का कहना है कि नए मामले सामने आने के साथ ही पहले से ही दमा, एलर्जी या अन्य संबंधित विकारों से ग्रस्त लोगों के लिए स्वास्थ्य जटिलताएं बढ़ गई हैं। दिल्ली पिछले 17 साल में सबसे खतरनाक धुंध का सामना कर रही है जिससे हाईकोर्ट को यह तक कहना पड़ा कि यह किसी गैस चैंबर में रहने जैसा है।
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दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर क़ाबू पाने के लिए दिल्ली सरकार ने उठाए ये कदम
1. अगले तीन दिनों तक दिल्ली के सारे स्कूल (सरकारी और प्राइवेट) बंद रहेंगे।
2. दस दिनों के लिए बदरपुर पावर प्लांट को भी बंद रखने की घोषणा की गई है।
3. बदरपुर पावर प्लांट से राख उठाने पर रोक लगाई गई है।
4. दिल्ली में पांच दिनों तक सभी प्रकार के निर्माण कार्य बंद रहेंगे।
5. सोमवार से सड़कों पर पानी का छिड़काव होगा।
6. दस दिनों तक दिल्ली में जेनरेटर चलाने पर पाबंदी रहेगी।
7. एक बार फिर से ऑड-ईवन को लागू करने की तैयारी की जा रही है।
8. दिल्ली में कूड़ा जलाने पर फ़िलहाल पूर्ण पाबंदी लगा दी गई है।
9. दस नवंबर से सड़कों की वैक्यूम क्लीनिंग शुरू होगी।
10. कृत्रिम बारिश पर भी विचार किया जा रहा है।
