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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 14, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दिल्ली उपचुनावः BJP-AAP व कांग्रेस के पास जनता का मूड भांपने का मौका

By JP YadavEdited By:
Published: Tue, 14 Mar 2017 08:24 AM (IST)Updated: Wed, 15 Mar 2017 07:28 AM (IST)

यदि राजौरी गार्डन सीट पर फिर से AAP कबिज होती है, तो भाजपा व कांग्रेस को निगम में दबदबा बनाए रखने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है।

दिल्ली उपचुनावः BJP-AAP व कांग्रेस के पास जनता का मूड भांपने का मौका
दिल्ली उपचुनावः BJP-AAP व कांग्रेस के पास जनता का मूड भांपने का मौका

नई दिल्ली (वीके शुक्ला)। दिल्ली नगर निगम चुनाव की तैयारियों में जुटी राजनीतिक पार्टियों ने अपना ध्यान 9 अप्रैल को राजौरी गार्डन में होने वाले उपचुनाव पर लगा दिया है। पार्टियों का मानना है कि उपचुनाव के लिए 13 अप्रैल को आने वाला मत परिणाम दिल्ली की जनता का मूड सामने रखने में सक्षम होगा।

यदि इस सीट पर फिर से आम आदमी पार्टी कबिज होती है, तो भाजपा व कांग्रेस को निगम में दबदबा बनाए रखने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है। वहीं, यदि आप का उम्मीदवार हारता है तो पार्टी की परेशानी बढ़ेगी।

बहरहाल, इस सीट पर पूर्व विधायक जरनैल सिंह फिर से उतारे जाएंगे या नहीं, इस पर अभी कोई वक्तव्य नहीं आया है। इससे पहले राजौरी गार्डन सीट पर किसी बड़े और चर्चित नाम को उतारने की चर्चा थी। मगर एकाएक बदले हालात में पार्टी पूरे मसले पर पुनर्विचार कर रही है।

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भाजपा व कांग्रेस नेताओं की मानें तो उपचुनाव उनके लिए भी समस्या का कारण बना हुआ है। यहां की जनता ने जरनैल सिंह को पांच साल के लिए चुना था, लेकिन वह समय से पहले पंजाब के लिए दिल्ली छोड़ गए। सूत्रों की मानें तो आम आदमी पार्टी इस सीट पर प्रत्याशी घोषित करने में भाजपा व कांग्रेस का इंतजार करेगी।

अभी तक पार्टी मान रही थी कि दिल्ली की इस सीट से इस्तीफा देकर पंजाब के लंबी विधानसभा सीट पर उतरे जरनैल सिंह पंजाब में जीत रहे हैं। यहां तक भी बात हो रही थी कि वह पंजाब में नहीं भी जीतते हैं तो पंजाब में सरकार तो आ रही है।

उन्हें पंजाब सरकार में कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जाएगी, मगर अब इसकी संभावनाएं ही समाप्त हो गई हैं। मगर चुनाव हारने के बाद उनके साथ यह अजीब राजनीतिक दुर्घटना हुई है कि वे न दिल्ली के रहे हैं और न ही पंजाब के।

इस बात को एक से डेढ़ साल हुआ होगा जब आप से जुड़े सिख लोगों ने दिल्ली सरकार में जनरैल सिंह को मंत्री बनाए जाने की मांग की थी। उनका तर्क था कि भाजपा व कांग्रेस अपने शासन काल में सिख मंत्री बनाती रही हैं। इस लिहाज से आप को भी सिख मंत्री बनाना चाहिए।

भाजपा नेता प्रवीण शंकर कपूर कहते हैं कि जरनैल सिंह को जनता ने प्यार दिया था, लेकिन वह राजनीति लालच में सब छोड़ पंजाब चले गए। इस बार क्षेत्र की जनता उनसे नाराज है। उधर कांग्रेस ने इस सीट के लिए अपनी तैयारी पूरी कर ली है। जल्द ही उम्मीदवार की घोषणा हो जाएगी।