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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 21, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

शहीद भगत सिंह कॉलेज में हुई नियुक्ति पर उठे सवाल

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Published: Fri, 21 Aug 2015 01:00 AM (IST)

अभिनव उपाध्याय, नई दिल्ली दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के शहीद भगत सिंह कॉलेज में दो शिक्षकों की नि

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अभिनव उपाध्याय, नई दिल्ली

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के शहीद भगत सिंह कॉलेज में दो शिक्षकों की नियुक्ति का मामला गरमाने लगा है। कॉलेज प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं कि उसने साक्षात्कार के बाद इन शिक्षकों द्वारा प्रस्तुत रिसर्च पेपर की स्क्रीनिंग क्यों की। जबकि स्क्रीनिंग साक्षात्कार से पहले की जाती है। फिलहाल, कॉलेज प्रशासन ने दोनों शिक्षकों को नियुक्ति पत्र नहीं दिया है।

इस संबंध में बृहस्पतिवार को डीयू के राजनीति विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष की अध्यक्षता में बनी समिति ने बैठक कर कॉलेज प्रशासन को रिपोर्ट भेज दी है। हालांकि इस समिति व उसकी रिपोर्ट पर कॉलेज के शिक्षकों की समिति ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि चयन प्रक्रिया के लिए बनी समिति ने आठ शिक्षकों का चयन किया था और इसी के चेयरमैन अब अपने चुने हुए उम्मीदवारों द्वारा प्रस्तुत प्रमाणपत्रों की जांच करेंगे। यह न्यायसंगत नहीं है। इस संबंध में प्रिंसिपल और चेयरमैन को पत्र लिखकर आपत्ति जताई गई है। वहीं, कॉलेज के चेयरमैन प्रो. विनोद कुमार का कहना है कि कुछ लोग झूठे प्रचार में लगे हैं। इस समिति का चयन प्रक्रिया की समिति से कोई संबंध ही नहीं है। राजनीति विज्ञान के विभागाध्यक्ष को समिति का अध्यक्ष इसलिए बनाया गया है, क्योंकि यह उस विषय से जुड़ा मामला है। चयन समिति के अध्यक्ष का चुनाव कुलपति ने किया था जिसका इस मामले से कोई संबंध नहीं है।

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वरिष्ठ अधिकारियों पर लगाया दबाव का आरोप

सूत्रों के अनुसार डीयू के राजनीति विज्ञान के विभागाध्यक्ष के नेतृत्व में बनी समिति की बैठक में शामिल सदस्य वीएवी रमन ने शहीद भगत सिंह कॉलेज के प्रिंसिपल व समिति के अन्य सदस्यों को मेल कर बताया है कि उनके सामने जांच प्रक्रिया में शामिल रहने या इसे छोड़ने का विकल्प रखा गया है। उन्होंने आपत्ति जताई है कि आखिर समिति के चेयरमैन ऐसा विकल्प एक सदस्य के सामने कैसे रख सकते हैं।