यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 20, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नए विद्यार्थियों को राहत, पुरानों की आफत
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली : दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के स्कूल ऑफ ओपन लर्निग (एसओएल) में स्नातक की प

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली : दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के स्कूल ऑफ ओपन लर्निग (एसओएल) में स्नातक की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी नतीजों को लेकर परेशान हैं। नतीजे घोषित न होने से उनका परास्नातक में दाखिला लटक गया है। सबसे ज्यादा परेशानी बीए पास व बीकॉम के छात्रों की है। वहीं, एसओएल प्रशासन ने उन विद्यार्थियों को विलंब शुल्क से 25 अगस्त तक राहत दी है, जो स्नातक में दाखिला लेना चाहते हैं।
एसओएल में बीए राजनीति शास्त्र (ऑनर्स), बीए अंग्रेजी (ऑनर्स) व बीकॉम ऑनर्स (तृतीय) वर्ष के नतीजे जारी हो चुके हैं, लेकिन बीए व बीकॉम प्रोग्राम के नतीजे नहीं आएं हैं। इस वजह से विद्यार्थियों को परास्नातक (पोस्ट ग्रेजुएशन) स्तर दाखिला लेना मुश्किल हो रहा है। विद्यार्थी राहत के लिए परीक्षा विभाग व डीन छात्र कल्याण कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। उनका कहना है कि समय रहते नतीजे जारी नहीं किए गए तो उनका एक साल खराब हो जाएगा। वहीं डीयू के अधिकारियों का कहना है कि विद्यार्थियों से दाखिले के समय ही इस संबंध में अंडरटेकिंग ले ली जाती है कि उनका परिणाम अक्टूबर तक घोषित होगा। इन पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों की संख्या बहुत ज्यादा रहती है, इसलिए नतीजे आने में समय लगता है। इस बार कोशिश है कि सितंबर तक नतीजे जारी कर दिए जाएं।
एसओएल प्रशासन ने स्नातक स्तर पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों में दाखिले के इच्छुक विद्यार्थियों को बिलंब शुल्क से राहत प्रदान की है। बिना विलंब शुल्क दाखिले की अंतिम तिथि 25 अगस्त तक कर दी गई है। पहले यह तिथि 17 अगस्त निर्धारित थी। 25 अगस्त के बाद 15 सितंबर तक 200 रुपये विलंब शुल्क के साथ दाखिला लिया जा सकता है। बता दें कि एसओएल के विभिन्न पाठ्यक्रमों में एक लाख से अधिक ऑफलाइन व ऑनलाइन दाखिले हो चुके हैं। प्रशासन ने छात्रों को सलाह दी है कि वे अंतिम तिथि की प्रतीक्षा न करें और जल्द से जल्द प्रवेश लेकर पढ़ाई शुरू करें।
