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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 05, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

शुरू हुई ऑफलाइन आवेदन की दौड़

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Published: Fri, 05 Jun 2015 07:31 PM (IST)

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली : दिल्ली विश्वविद्यालय में ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया खत्म होने के साथ शुक्रवार

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राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली : दिल्ली विश्वविद्यालय में ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया खत्म होने के साथ शुक्रवार से ऑफलाइन आवेदन भी शुरू हो गए। ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया के पहले दिन नॉर्थ व साउथ कैंपस में बनाए गए आवेदन केंद्र श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज व आत्माराम सनातन धर्म (एआरएसडी) कॉलेज में सुबह से जुटे छात्र-छात्राएं दोपहर आवेदन प्रक्रिया पूरी होने तक आते रहे। पूर्वी दिल्ली के श्यामलाल कॉलेज में भी बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं जुटे। कुछ ऐसा ही नजारा सुबह आवेदन प्रक्रिया के शुरू होने पर राजधानी कॉलेज में बनाए गए आवेदन केंद्र पर भी दिखा। हालांकि दोपहर होते-होते स्थिति सामान्य हो गई। आवेदन प्रक्रिया सुबह नौ बजे से शुरू होकर शाम तीन बजे तक चली। डीयू में ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया 15 जून तक चलेगी।

ज्वाइंट डीन छात्र कल्याण डॉ. मलय नीरव ने बताया कि ऑफलाइन आवेदन के लिए बीते साल तक 18 आवेदन केंद्रों पर जुटने वाले छात्र-छात्राएं अब आठ केंद्रों तक ही सीमित हो गए हैं। डॉ. नीरव ने बताया कॉमन प्री एडमिशन फॉर्म के माध्यम से आवेदन का पहला दिन होने के कारण आठ में से तीन-चार केंद्रों पर अच्छी भीड़ जुटी लेकिन स्थिति पूरी तरह से काबू में रही। नॉर्थ व साउथ कैंपस में बनाए गए श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज व एआरएसडी में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं जुटे। यहां स्थिति को काबू में करने के लिए अतिरिक्त खिड़कियां भी खोली गई। खालसा कॉलेज में पांच खिड़कियां आवेदन फॉर्म देने और तीन जमा करने के लिए बनाई गई थीं। एआरएसडी में भी चार खिड़कियां फॉर्म खरीदने के लिए और दो खिड़कियां जमा कराने के लिए उपलब्ध थी। गार्गी कॉलेज में फॉर्म देने के लिए चार और जमा करने के लिए एक खिड़की खोली गई जिसे बाद में बढ़ाकर दो किया गया। अग्रसेन कॉलेज में सुबह के वक्त कुछ भीड़ जुटी लेकिन इसे काबू करने के लिए कॉलेज ने वातानुकूलित ऑडिटोरियम खोल दिया। ऑडिटोरियम में आवेदकों ने आराम से आवेदन फॉर्म भरा और जमा कराए। पीजीडीएवी व दयाल सिंह कॉलेज में ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया का पहला दिन बिना किसी हंगामे के गुजर गया।

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दाखिले से जुड़ी झलकियां

डूसू संयुक्त सचिव ने किया हंगामा

दाखिला प्रक्रिया की शुरुआत होते ही छात्रसंघ संयुक्त सचिव आशुतोष माथुर ने जमकर हंगामा किया। उनकी मांग थी कि नए विद्यार्थियों की सहायता के लिए हेल्प डेस्क श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज के अंदर लगाने की अनुमति दी जाए। हालांकि कॉलेज प्राचार्य के इन्कार के बाद उन्हें बाहर सड़क पर ही हेल्प डेस्क लगानी पड़ी। इस बार डीयू की ओर से किसी भी छात्र संगठन को कॉलेज केंद्र के अंदर हेल्प डेस्क नहीं लगाने दी गई है। इस संबंध में यूथ फार सोशल जस्टिस ने कुलपति को पत्र भी लिखा है।

खाने के लिए दाल-चावल तो पीने के लिए मिला शरबत

गर्मी से परेशान विद्यार्थियों के लिए खालसा कॉलेज में दाल-चावल व शरबत का इंतजाम किया गया। कॉलेज प्राचार्य डॉ.जसविंदर सिंह ने खुद विद्यार्थियों को खाना परोसा। इसी तरह अन्य आवेदन केंद्रों पर भी पानी का इंतजाम किया गया था।

जाम ने किया परेशान, कुलपति से की राहत की मांग

खालसा कॉलेज केंद्र के चलते दिल्ली विश्वविद्यालय में खालसा कॉलेज से श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स जाने वाली सड़क पूरी तरह से जाम की चपेट में रही। सुबह साढे़ नौ बजे से दोपहर तीन बजे लोगों को जाम से परेशान होना पड़ा।

कोई रोहिणी तो कोई मुरादाबाद से पहुंचा

दाखिले की चाह न सिर्फ दिल्ली बल्कि बाहर से आने वाले विद्यार्थियों में भी खूब देखने को मिली। रानी बाग से खालसा कॉलेज केंद्र पर अपनी दोस्तों के साथ पहुंची निकिता शर्मा बेहद उत्साहित थीं। इसी तरह मुरादाबाद से आए तकी व सागर ने बताया कि वे सुबह पांच बजे ही घर से निकल गए थे और सुबह 10 बजे केंद्र में पहुंचे।