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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 29, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

क्रेडिट सिस्टम के खिलाफ सड़क पर उतरे छात्र-शिक्षक

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Published: Fri, 29 May 2015 08:29 PM (IST)

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली : दिल्ली विश्वविद्यालय में कार्यकारी परिषद में मंजूर च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सि

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राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली : दिल्ली विश्वविद्यालय में कार्यकारी परिषद में मंजूर च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) को लेकर शिक्षक व छात्र संगठन सड़क पर उतर आए हैं। शुक्रवार को दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) व विभिन्न छात्र संगठनों ने ऑ‌र्ट्स फैकल्टी के बाहर सीबीसीएस का विरोध किया। ओपन डेज में हिस्सा लेने पहुंचे विद्यार्थियों व अभिभावकों को भी इस नई व्यवस्था की खामियों के बारे में बताया।

डूटा अध्यक्ष डॉ. नंदिता नारायण ने बताया कि चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम के समय तो विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोर्स निर्माण में शिक्षकों को शामिल करने का प्रयास किया, लेकिन इस बार तो पता ही नहीं है कि कौन कहां कोर्स तैयार कर रहा है। डूटा एग्जीक्यूटिव सैकत घोष ने बताया कि जिस तरह से सीबीसीएस लागू किया जा रहा है उससे उच्च शिक्षा के व्यवसायीकरण को को बढ़ावा मिलेगा। गरीब छात्रों के लिए यह व्यवस्था हानिकारक है।

वामपंथी छात्र संगठन आइसा, एसएफआइ, एआइडीएसओ व केवाईएस के सदस्य भी प्रदर्शन में शामिल हुए। डीयू कार्यकारी परिषद की सदस्य आभा देव हबीब ने कहा कि सरकार बिना शिक्षकों की भागीदारी के नई व्यवस्था लागू करना चाह रही है जोकि अनुचित है। बिना शिक्षकों का मत जाने छात्रहित की योजना बन ही नहीं सकती। इसी कड़ी में कार्यकारी परिषद के एक अन्य सदस्य प्रो. जेएल गुप्ता ने सीबीसीएस का विरोध किया है। उन्होंने इसे विश्वविद्यालय की स्वायत्ता पर हमला करार दिया है। उन्होंने विश्वविद्यालय में शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं की ओर कुलपति का ध्यान भी आकर्षित किया है।