विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 10, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

छाया शिक्षा के निजीकरण का मुद्दा

By Edited By:
Published: Sun, 10 May 2015 08:14 PM (IST)

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली : ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन के पहल

News Article Hero Image

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली : ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन के पहले दिन च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम, शिक्षा के निजीकरण और केंद्रीय विश्वविद्यालय बिल पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने शिक्षा के निजीकरण की राह पर जाने को लेकर चिंता जताई और केंद्र सरकार की शिक्षा से जुड़ी नीतियों की आलोचना की। इस दो दिवसीय अधिवेशन में 19 राज्यों से 300 प्रतिनिधि मंडल शामिल हुए हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय के समीप हकीकत नगर में इस सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संगठन (डूटा) की अध्यक्ष डॉ. नंदिता नारायण ने कहा कि सरकार शिक्षा को लेकर गंभीर नहीं है। यह च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम को लागू करना शिक्षा के निजीकरण की तरफ भी इशारा करता है। सम्मेलन में प्रशांत भूषण सहित कई अन्य लोगों ने वक्तव्य दिए।