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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 13, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

शिक्षकों ने लगाया उच्च शिक्षा की अनदेखी का आरोप

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Published: Fri, 13 Mar 2015 10:51 PM (IST)

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली : उच्च शिक्षा क्षेत्र की अनदेखी समेत कई अन्य मुद्दों पर शुक्रवार को अध

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जागरण संवाददाता, नई दिल्ली :

उच्च शिक्षा क्षेत्र की अनदेखी समेत कई अन्य मुद्दों पर शुक्रवार को अध्यापकों का गुस्सा केंद्र सरकार के खिलाफ निकला। दिल्ली यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (डूटा) के नेतृत्व में जामिया मिलिया इस्लामिया समेत कई केंद्रीय विश्वविद्यालयों के अध्यापकों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। अध्यापकों ने केंद्र सरकार से सातवां वेतन आयोग गठित करने की भी मांग दोहराई। प्रदर्शन करते अध्यापक संसद भवन जाने की भी कोशिश की, लेकिन पुलिस ने कुछ अध्यापकों को हिरासत में ले लिया। हालांकि, देर शाम उन्हें छोड़ दिया गया।

इसके पहले जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध सभा को संबोधित करते हुए डूटा अध्यक्ष नंदिता नारायण ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि मौजूदा केंद्र सरकार द्वारा उच्च शिक्षा क्षेत्र की लगातार अनदेखी की जा रही है। विश्वविद्यालय व कॉलेजों में जहां खाली शैक्षणिक पद लंबे वक्त से नहीं भरा जा रहा है। वहीं जरूरत के अनुरूप शैक्षणिक संस्थानों को धन भी आवंटित नहीं किया जा रहा है। प्रदर्शन में वक्ताओं ने सातवें पे कमीशन का गठन, पेंशन योजना में सुधार जैसी मांगों को भी उठाया। प्रदर्शन के दौरान अध्यापकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की और तख्तियां लहराई।