यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 19, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
फॉकनर ने भारत के जबड़े से छीनी जीत
स्कोर बोर्ड पर तीन सौ से पार का लक्ष्य, लेकिन फिर भी भारतीय गेंदबाज इसकी रक्षा नहीं कर सके। कप्तान ...और पढ़ें

अमित गौतम, मोहाली। स्कोर बोर्ड पर तीन सौ से पार का लक्ष्य, लेकिन फिर भी भारतीय गेंदबाज इसकी रक्षा नहीं कर सके। कप्तान धौनी ने अंतिम ग्यारह में अपने गेंदबाजी विभाग में फेरबदल करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई, जिसका नतीजा यह रहा कि नंबर एक की इस लड़ाई में गेंदबाजों के लचर प्रदर्शन का खामियाजा उनकी टीम को शनिवार को तीसरे वनडे में चार विकेट से मैच गंवाकर भुगतना पड़ा।
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भारत के 303 रनों के लक्ष्य को ऑस्ट्रेलिया ने तीन गेंद और चार विकेट शेष रहते हासिल कर लिया। साथ ही इस जीत से उन्होंने सात मैचों की सीरीज में 2-1 की बढ़त भी हासिल कर ली। ऑस्ट्रेलियाई टीम की जीत में ऑलराउंडर जेम्स फॉकनर (64 नाबाद ) अहम सूत्रधार बने। 'मैन ऑफ द मैच' फॉकनर की पारी में छह छक्के और दो चौके शामिल थे। एडम वोग्स (76 नाबाद ) ने अपनी टीम की ओर से सर्वाधिक रन बनाए। फॉकनर और वोग्स के बीच सातवें विकेट के लिए 93 रनों की अटूट साझेदारी हुई।
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टीम इंडिया की इस हार में भारतीय स्पीड स्टार इशांत शर्मा खलनायक साबित हुए जिनकी दिशाहीन गेंदबाजी ने केवल कंगारुओं को मैच में वापसी का मौका दे दिया, बल्कि धौनी (नाबाद 139) की शतकीय पारी पर भी पानी फेर दिया। पिछले मैचों में भी लचर गेंदबाजी के बाद माना जा रहा था कि कप्तान धौनी इशांत को मोहाली के मैच में अंतिम एकादश से बाहर रखेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और उन्होंने इशांत पर कुछ ज्यादा भरोसा दिखाया, जिसका नुकसान न केवल उन्हें बल्कि पूरी टीम को भुगतना पड़ा।
जब इशांत मैच का 48वां ओवर फेंकने आए, तब मेहमान टीम को जीत के लिए 18 गेंदों पर 44 रन की दरकार थी और उसके पास केवल चार विकेट ही बचे थे। हालात यही बता रहे थे कि मैच धीरे-धीरे भारत की झोली में जा रहा था, लेकिन इशांत के इस ओवर में फॉकनर ने चार छक्कों सहित कुल तीस रन कूट पीसीए स्टेडियम में मौजूद दर्शकों को सांसे थाम दीं और आखिरी ओवर में विनय कुमार की गेंद पर छक्का लगाकर अपनी टीम को रोमांचक जीत दिलाई।
इससे पूर्व रात में पड़ने वाली ओस के प्रभाव और विकेट के मिजाज को भांपते हुए हुए ऑस्ट्रेलियाई कप्तान जॉर्ज बेली ने टॉस जीतकर पहले क्षेत्ररक्षण करने का फैसला किया। उनका यह फैसला उस वक्त रंग लाया जब विकेट पर मिले पर्याप्त उछाल और स्विंग से टीम इंडिया की शुरुआत खराब हो गई। शॉर्ट पिच गेंदबाजी के सामने टीम इंडिया के शीर्ष क्रम के बल्लेबाज असहाय नजर आए। पिछले मैच में रिकॉर्ड जीत दर्ज करने में अहम भूमिका निभाने वाले भारत के दोनों सलामी बल्लेबाज शिखर धवन (8) और रोहित शर्मा (11) सस्ते में निपट गए।
इसके बाद अपनी पेस और स्विंग के लिए प्रख्यात अनुभवी गेंदबाज मिशेल जॉनसन ने रैना (17) और युवराज सिंह (0) को चलता किया। नंबर चार पर प्रमोट किए गए रैना सीरीज में अभी तक अपनी भूमिका के साथ न्याय नहीं कर पाए हैं। जडेजा (02) भी कुछ खास नहीं कर सके। लेकिन इसके बाद कप्तान धौनी ने कंगारुओं को ज्यादा जश्न मनाने का मौका नहीं दिया। वह मेहमानों के सामने ऐसी चट्टान बनकर उभरे कि उनकी आतिशी पारी की बदौलत टीम इंडिया पचास ओवर में नौ विकेट पर 303 रनों का स्कोर खड़ा करने में सफल रही। उनकी यह पारी किसी भी भारतीय बल्लेबाज की इस मैदान पर श्रेष्ठ
पारी रही। इसमें उनकी पारी में 12 चौके और पांच छक्के शामिल रहे। भारतीय कप्तान का विराट कोहली (68) और अश्विन (28) ने भी भरपूर साथ दिया। ऑस्ट्रेलिया टीम के लिए जॉनसन सबसे सफल गेंदबाज रहे जिन्होंने दस ओवर में 46 रन देकर चार विकेट झटके।
ट्विटर पर इशांत की खूब हुई खिंचाई
मुझे यह देखकर आश्चर्य होता है कि इशांत रन लुटाने में इतनी निरंतरता कैसे बरतते हैं। ऑस्ट्रेलिया को अपनी मैन ऑफ द मैच की ट्रॉफी इशांत को दे देनी चाहिए।
- सलिल कपूर
इशांत शर्मा मैच के बाद : यह मेरी तरफ से चेतन शर्मा को एक श्रद्धांजलि है।
- जावेद अजान
एमएस धौनी एएसआइ टीम को फोन करते हैं : उन्नाव में कितनी खुदाई हो गई है? एएसआई : क्यों? धौनी : मैं किसी को भेज रहा हूं उसे वहीं दफना देना।
- अनरीयल टाइम्स
हमें इशांत शर्मा जैसे और भी गेंदबाजों की जरूरत है। तभी लोगों का दिल क्रिकेट से टूटेगा और वे अन्य खेलों पर भी मन लगाएंगे।
- द बैड डॉक्टर
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