यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 07, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
धमाकेदार आगाज! ये रहे टीम इंडिया की जीत के पांच बड़े कारण
आइसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के उद्घाटन मुकाबले में टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका को 26 रनों से हराकर टूर्नामेंट में शानदार ...और पढ़ें

नई दिल्ली। आइसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के उद्घाटन मुकाबले में टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका को 26 रनों से हराकर टूर्नामेंट में शानदार ढंग से आगाज किया। शिखर धवन के पहले वनडे शतक की बदौलत टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 331 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में दक्षिण अफ्रीकी टीम 305 रन बनाकर ऑलआउट हो गई।
आइए, जानते हैं वो पांच मुख्य कारण, जिसकी बदौलत टीम इंडिया ने धमाकेदार अंदाज में दक्षिण अफ्रीका को हराया :
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1. गब्बर की गूंज : टीम इंडिया के खब्बू बल्लेबाज शिखर धवन (गब्बर) ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ धमाकेदार अंदाज में बल्लेबाजी की और वनडे करियर का पहला शतक लगाया। चैंपियंस ट्रॉफी के दो अभ्यास मुकाबलों में फ्लॉप रहे शिखर धवन ने उद्घाटन मुकाबले में शतक जमाकर यह साबित कर दिया कि उनमें काफी दम है और वे किसी पिच पर भी धमाल मचा सकते हैं। धवन ने सिर्फ 94 गेंदों में 12 चौके और 1 छक्के की मदद से 114 रन बनाए।
2. चल गई ओपनिंग : भारत की इस जीत में ओपनिंग साझेदारी की भी भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही। वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर की गैरमौजूदगी में टीम इंडिया को अच्छे ओपनर्स की तलाश थी। अभ्यास मुकाबलों में शिखर धवन और मुरली विजय टीम को अच्छी शुरुआत नहीं दे सके, लिहाजा कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने मुरली विजय को अंतिम एकादश से बाहर रखा और रोहित शर्मा को शिखर धवन के साथ पारी की शुरुआत करने भेजा। धौनी का यह फैसला कारगर साबित हुआ। धवन और रोहित ने जबरदस्त ढंग से बल्लेबाजी की और पहले विकेट के लिए 127 रन जोड़े। टीम इंडिया के लिए यह जबरदस्त शुरुआत थी। इन दोनों बल्लेबाजों ने अन्य भारतीय बल्लेबाजों के लिए काम आसान कर दिया था।
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3. जडेजा का तूफानी अंदाज : टीम इंडिया की इस जीत में अंतिम पलों में रवींद्र जडेजा द्वारा की गई तूफानी बल्लेबाजी भुलाई नहीं जा सकती। जडेजा ने अंतिम के ओवरों में जमकर बल्लेबाजी की और महज 29 गेंदों में नाबाद 47 रन ठोंक दिए। अपनी पारी में उन्होंने 7 चौके और 1 छक्का लगाया। उनकी इस पारी की बदौलत टीम इंडिया 331 के स्कोर तक पहुंच सकी।
4. गेंदबाजों की एकता : बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन के बाद सारा दारोमदार भारतीय गेंदबाजों पर टिका था। भुवनेश्वर कुमार और उमेश यादव ने शुरुआत में ही 2 विकेट लेकर दक्षिण अफ्रीका को मुश्किलों में डाल दिया। इसके बाद सभी गेंदबाजों ने मिलजुलकर प्रदर्शन किया। इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि भुवनेश्वर कुमार, उमेश यादव, इशांत शर्मा और रवींद्र जडेजा ने 2-2 विकेट लिए। दक्षिण अफ्रीका के दो बल्लेबाज रनआउट हुए।
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5. धौनी का मैनेजमेंट : इसमें कोई शक नहीं कि टीम इंडिया की जीत में कप्तान महेंद्र सिंह धौनी के मैनेजमेंट की बहुत बड़ी भूमिका रही। पहले तो उन्होंने मुरली विजय को अंतिम एकादश से बाहर रखा, फिर गेंदबाजी के दौरान जब दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज तेजी के साथ रन जुटा रहे थे तो उन्होंने स्पिन गेंदबाज आर. अश्विन और रवींद्र जडेजा को दोनों छोर पर लगा दिया। इससे उनके रन बनाने पर भी अंकुश लग गया। आर. अश्विन ने 4.70 की औसत से रन खर्च किए, जबकि जडेजा ने सिर्फ 3.44 की औसत से रन दिए। इसके बाद का काम तेज गेंदबाजों ने विकेट झटककर कर दिया और टीम इंडिया ने शानदार जीत दर्ज की।
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