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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 01, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Defence Budget 2022: वर्ष 2021 की तुलना में इस बार 10 फीसद बढ़ा देश का रक्षा बजट, मेक इन इंडिया पर रहेगा जोर

By Kamal VermaEdited By:
Published: Tue, 01 Feb 2022 02:37 PM (IST)Updated: Tue, 01 Feb 2022 06:49 PM (IST)

देश के आम बजट में इस बार रक्षा क्षेत्र के हाथों में कुल सवा पांच लाख करोड़ रुपये आए हैं। ...और पढ़ें

डिफेंस में इस बार मिले हैं सवा पांच लाख करोड़
डिफेंस में इस बार मिले हैं सवा पांच लाख करोड़

नई दिल्‍ली (आनलाइन डेस्‍क)। वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज देश का आम बजट पेश कर दिया। इसमें उन्‍होंने रक्षा क्षेत्र के लिए 5.25 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया है। ये बजट पिछले वर्ष के मुकाबले 47 हजार करोड़ रुपये अधिक है। पिछले वर्ष रक्षा क्षेत्र के लिए 4.78 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार इस क्षेत्र के बजट में दस फीसद का इजाफा किया गया है। 

इसमें से 1.52 लाख करोड़ रुपये सेनाओं के आधुनिकीकरण पर खर्च किया जाएगा। वहीं 68 फीसद धन घरेलू विकल्‍पों का इस्‍तेमाल करने पर खर्च करने पर किया जाएगा। इस मद में पिछले वर्ष की तुलना में करीब 13 फीसद अधिक आया है। रक्षा मंत्रालय को पिछले वर्ष के 2.33 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले इस बार 2.39 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। वहीं पेंशन फंड के लिए 1.19 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। 

आपको बता दें कि मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान लगातार सात वर्षों तक रक्षा बजट को बढ़ाया गया है। इस बार के बजट में रक्षा क्षेत्र में मोदी सरकार ने मेक इन इंडिया और मेक फार द वर्ल्‍ड पर भी जोर दिया है। इस वित्‍त वर्ष के दौरान मेक इन इंडिया के जरिए इस क्षेत्र में दूसरे विकल्‍पों को भी तलाशा जाएगा

गौरतलब है कि वर्ष 2021-2022 में रक्षा क्षेत्र के लिए 4.78 लाख करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया था। उस दौरान देश के रक्षा बजट में करीब 7,000 करोड़ का इजाफा किया गया था। इस बजट में रक्षा क्षेत्र के आधुनिकीकरण के लिए रक्षा क्षेत्र के पूंजीगत व्यय में 18.75 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी। इसमें रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत रक्षा सेवाओं और अन्य संगठनों/विभागों के लिए कुल 3,62,345.62 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था। इससे पहले वर्ष 2020-21 में ये बजट 4.71 लाख करोड़ रुपये तय किया गया था।