सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 08, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

10 लाख बैंक कर्मी 22 अगस्त को करेंगे हड़ताल, निजीकरण और मर्जर का कर रहे हैं विरोध

By Surbhi JainEdited By:
Published: Tue, 08 Aug 2017 02:25 PM (IST)

एक मिलियन बैंक कर्मचारी और अधिकारी 22 अगस्त को हड़ताल करेंगे। उनकी मांग है कि लोन को जानबूझकर डिफॉल्ट करना क्रिमिनल अफेंस माना जाए

10 लाख बैंक कर्मी 22 अगस्त को करेंगे हड़ताल, निजीकरण और मर्जर का कर रहे हैं विरोध
10 लाख बैंक कर्मी 22 अगस्त को करेंगे हड़ताल, निजीकरण और मर्जर का कर रहे हैं विरोध

नई दिल्ली (जेएनएन)। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) के आह्वान के बाद आगामी 22 अगस्त को करीब एक मिलियन बैंक कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल करेंगे। यूएफबीयू सभी नौ बैंक यूनियन का एक संघ है। यूएफबीयू सरकारी बैंकों के निजीकरण, विलय एवं बैंकों के समेकन और कॉर्पोरेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (एनपीए) के लिए सरकार के फैसले की आलोचना कर रहा है। साथ ही उसने मांग की है कि लोन को जानबूझ कर डिफॉल्ट करना क्रिमिनल अफेंस माना जाए। साथ ही एनपीए की वसूली पर संसदीय समिति की सिफारिशों को लागू किया जाए।

संघ यह भी चाहता है कि सरकार खराब ऋणों के लिए शीर्ष प्रबंधन/अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करे और बैड लोन की वसूली के लिए कुछ सख्त उपाय या प्रयास सामने रखे। साथ ही उसने यह भी मांग की है कि प्रस्तावित वित्तीय समाधान और जमा बीमा (एफआरडीआई) विधेयक को वापस लेने, बैंक बोर्ड ब्यूरो को खत्म करने के साथ ही कार्पोरेट एनपीए का बोझ बैंक ग्राहकों पर चार्ज बढ़ोतरी के जरिए नहीं डाला जाना चाहिए।

ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (एआईबीईए) के महासचिव सी एच वेंकटचलम ने बताया कि यूएफबीयू ने यह पाया है कि तेजी से बढ़ते हुए बैड लोन की स्थिति को दुरुस्त करने के लिए तत्काल उपाय के बजाय, जो कि बैंकों को संचालन संबंधी गंभीर संकेतों की ओर आगाह कर रहे हैं, एमओयू, पीसीए, एफआरडीआई बिल, एनपीए आर्डिनेंस, आईबीसी जैसे कदम बेहतर हो सकते हैं यह पैसों की वसूली के बजाए केवल बैंकों की लागत पर बैलेंस शीट को साफ करने का काम करेंगे, जो लोगों की कड़ी कमाई की बचत का प्रतिनिधित्व करती है।