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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 25, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारत की जीडीपी ग्रोथ तीसरी तिमाही में 6 फीसदी रह सकती है: नोमुरा

By Praveen DwivediEdited By:
Published: Wed, 25 Jan 2017 05:50 PM (IST)Updated: Wed, 25 Jan 2017 07:27 PM (IST)

नोटबंदी की घोषणा के बाद से भारत की जीडीपी ग्रोथ अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में लगभग 6 फीसदी रह सकती है

भारत की जीडीपी ग्रोथ तीसरी तिमाही में 6 फीसदी रह सकती है: नोमुरा
भारत की जीडीपी ग्रोथ तीसरी तिमाही में 6 फीसदी रह सकती है: नोमुरा

नई दिल्ली। देश में नोटबंदी (8 नवंबर) के एलान के बाद से बने गतिरोध के कारण से भारत की जीडीपी ग्रोथ तीसरी (अक्टूबर-दिसंबर) तिमाही में लगभग 6 फीसदी रह सकती है। जबकि जनवरी-मार्च तिमाही में यह कमजोर होकर 5.7 फीसदी के स्तर पर जा सकती है। यह अनुमान जापान की वित्तीय सेवा क्षेत्र की प्रमुख एजेंसी नोमुरा की एक ताजा रिपोर्ट में लगाया गया है।

नोमुरा की रिपोर्ट के अनुसार नोटबंदी के कारण खपत और सर्विस सेक्टर पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। नोटबंदी से पहले यह दो क्षेत्र काफी तेजी से बढ़ रहे थे। हालांकि, एजेंसी का मानना है कि वर्ष 2017 की दूसरी छमाही से वृद्धि दर में तेजी से सुधार आ सकता है।

नोमुरा ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, हमारा अनुमान है कि साल-दर-साल आधार पर जुलाई-सितंबर तिमाही की जीडीपी वृद्धि 7.3 फीसदी से घटकर अक्टूबर-दिसंबर 2016 तिमाही में 6 फीसदी रह जाएगी। वित्त वर्ष की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में यह और घटकर 5.7 फीसदी रह जाने का अनुमान है।

इससे पहले नोमुरा ने नवंबर महीने में जारी एक रिपोर्ट में बताया था कि नोटबंदी के कारण भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट वर्ष 2016 की चौथी तिमाही में कमजोर पड़कर 6.5 फीसदी रह सकती है, जबकि वर्ष 2017 की पहली तिमाही में यह 7.5 फीसदी रह सकती है।

इससे पहले इन तिमाहियों के लिए उसने वृद्धि दर के क्रमश: 7.3 और 7.9 फीसदी रहने का अनुमान व्यक्त किया था। रिसर्च एजेंसी ने बताया है कि वर्ष 2017 की दूसरी छमाही से आर्थिक वृद्धि की दर में तीव्र सुधार की उम्मीद है। ग्रोथ में यह सुधार ब्याज दरें घटने, संपत्ति का फिर से वितरण और मांग बढ़ने से होगा।