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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 24, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

शहीद रामफल मंडल पर डाक टिकट जारी करने का करेंगे प्रयास : सांसद

By JagranEdited By:
Published: Thu, 24 Aug 2017 12:00 AM (IST)Updated: Thu, 24 Aug 2017 01:37 AM (IST)

सीतामढ़ी: शहीद रामफल मंडल विचार मंच के तत्वावधान आजादी की लड़ाई में शहीद हुए अमर शहीद रामफल मंडल एवं

शहीद रामफल मंडल पर डाक टिकट जारी करने का करेंगे प्रयास : सांसद
शहीद रामफल मंडल पर डाक टिकट जारी करने का करेंगे प्रयास : सांसद

सीतामढ़ी: शहीद रामफल मंडल विचार मंच के तत्वावधान आजादी की लड़ाई में शहीद हुए अमर शहीद रामफल मंडल एवं जिले के अन्य गुमनाम शहीदों का शहादत दिवस समारोह का आयोजन बुधवार को रेडक्रॉस सभागार में क्रांति दिवस के रूप में किया गया। कार्यक्रम में आए अतिथियों द्वारा दीप जलाकर तथा शहीदों के चित्र पर माल्यार्पण कर इसका उदघाटन किया गया। समारोह की अध्यक्षता मंच के संयोजक विनोद बिहारी मंडल ने की। इस अवसर पर लोगों ने शहीद रामफल मंडल के अलावा जिले के गुमनाम शहीदों वंशी ततमा, सुखन लोहार, भदई कबाड़ी, गूगल धोबी, परसत तेली, जानकी ¨सह, प्रदीप ¨सह, मौजे झा, ननू मियां, सुंदर महरा, जयमंगल ¨सह, सुखदेव ¨सह, भूपन ¨सह, नौजाद ¨सह, बिकन कुर्मी, बुधन कहार, बुझावन, बंगाली नोनिया चित्र पर माल्यार्पण कर उनकी शहादत को याद किया। मुख्य अतिथि सह उद़घाटनकर्ता सांसद रामकुमार शर्मा ने कहा कि जो देश और समाज अपने पूर्वजों के इतिहास को व बलिदान को भूल जाता है वह गुलाम हो जाता है। उन्होंने अमर शहीद रामफल मंडल पर डाक टिकट जारी कराने के लिए प्रयास करने तथा सीतामढ़ी में उनकी प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा की। अंग्रेजी शासनकाल में एसडीओ एवं तीन पुलिसकर्मियों को मारने के आरोप में रामफल मंडल को 1943 में फांसी की सजा दी गई। जबकि इसी कांड में हरिहर प्रसाद, कपिलदेव ¨सह, ¨बदेश्वरी प्रसाद, बाबा नर¨सह दास आदि को आजीवन कारावास की सजा हुई थी। विशिष्ट अतिथि कांग्रेस जिलाध्यक्ष विमल शुक्ला ने कहा कि रामफल मंडल हंसते-हंसते देश के लिए फांसी पर झूल गए। उन्होंने शहीद रामफल मंडल की जीवनी पाठ्य-पुस्तक में शामिल करने की मांग की। अमर शहीद रामफल मंडल पुस्तक के लेखक सह मंच के संयोजक शोधार्थी विनोद बिहारी मंडल ने आजादी के आंदोलन की विस्तृत चर्चा करते हुए सीतामढ़ी जिले के शहीदों के बारे में बताया। उन्होंने इस पुस्तक को सभी सरकारी और निजी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने की आवश्यकता जताई। बबलू मंडल और कर्मवीर पासवान ने कहा कि जिन उद्देश्यों के लिए स्वतंत्रता सेनानियों ने जान की बाजी लगा दी। लेकिन आज कुछ लोग उनके सपनों को तार-तार कर रहे हैं। परिवारवाद एवं भ्रष्टाचार में लिप्त वैसे प्रतिनिधियों के बहिष्कार की अपील की। समारोह को रामजी मंडल, दिलीप शाही, रामप्रवेश यादव, पुनीत बैठा, आफताब अंजुम बिहारी, प्रो.शशिभूषण ¨सह, इं.विरेन्द्र महतो, डा.आनंद किशोर, रामजीनिस ठाकुर, किशोरी दास, ¨वदेश्वर मंडल, ब्रजमोहन मंडल, ब्रजेश महतो, अखिलेश्वर ठाकुर, अजय मंडल, ओमप्रकाश, राहुल मंडल, चंचल मंडल, रामदेव पंडित, उमेश चंद्रवंशी, रामबेचन साह, शंकर मंडल आदि ने संबोधित किया।

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