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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 16, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सुशील मोदी बोले - इशरत को बेटी कहने वाले मंत्रियों पर कार्रवाई करें CM नीतीश

By Kajal KumariEdited By:
Published: Tue, 16 Feb 2016 07:52 AM (GMT+05:30)Updated: Wed, 17 Feb 2016 07:35 AM (GMT+05:30)

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि उन्होंने इशरत जहां को बिहार की बेटी कभी नहीं कहा था। उनके मुंह में ...और पढ़ें

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पटना। बिहार में इशरत जहां को लेकर राजनीति गरमा गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि उन्होंने इशरत जहां को बिहार की बेटी कभी नहीं कहा था। उनके मुंह में ऐसी बात जबरन डालने वालों पर वे कार्रवाई करेंगे। इसपर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व उपमुख्यमंत्री व भाजपा नेता सुशील मोदी (सुमो) ने कहा है कि नीतीश को कार्रवाई करनी है तो अपने मंत्रियों पर करें, जिन्होंने इशरत को बिहार की बेटी कहा है।

सूबे में इशरत जहां को लेकर छिड़ी सियासत की जुबानी जंग थमने का नाम नहीं ले रही। मंगलवार को इस जंग को पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी (सुमो) ने नई धार दी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की चेतावनी का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि वे पहले अपने कैबिनेट सहयोगी तेजप्रताप यादव और अब्दुल गफूर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएं।

सुमो मंगलवार को पोलो रोड स्थित सरकारी आवास पर जनता दरबार कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से रूबरू थे। बकौल सुमो, मुख्यमंत्री कह रहे कि उन्होंने इशरत जहां को कभी बिहार की बेटी नहीं बताया और वे कानूनी कार्रवाई का सहारा लेंगे, लेकिन मैं कहता हूं कि उन्हें कार्रवाई करनी है तो पहले अपने मंत्री तेज प्रताप यादव, अब्दुल गफूर और जदयू प्रवक्ताओं के खिलाफ करें जिन्होंने मीडिया में चीख-चीख कर इशरत जहां को बिहार की बेटी कहा है।

सुमो ने जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार के प्रकरण में केंद्र सरकार पर वैचारिक स्वतंत्रता का गला घोंटने के आरोप और देश में इमरजेंसी जैसे हालात से संबंधित नीतीश कुमार के बयान पर पलटवार किया। कहा कि नीतीश कुमार वोट की राजनीतिक के लिए कुछ भी बोल सकते हैं। भाजपा को रोकने के लिए कुछ कर सकते हैं।

हरलाखी विधानसभा क्षेत्र के लिए हुए उपचुनाव में राजग की जीत पर सुमो ने जनता को बधाई दी। कहा कि जनता को तीन महीने में ही गलती का अहसास हो गया। बिहार में नीतीश कुमार और लालू का कुचक्र टूट गया। आरक्षण के दुष्चक्र में भटके हुए मतदाता फिर से राजग के साथ आ गए।

यह कहा था मुख्यमंत्री ने

नीतीश कुमार ने सोमवार को पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कहा था कि इशरत को उन्होंने कभी बिहार की बेटी नहीं कहा था। वे अपनी उस वक्त की सारी डिटेल्स निकलवाकर चेक कर रहे हैं।

नीतीश ने कहा था कि जिन्होंने एेसे आरोप लगाए हैं, वे साक्ष्य प्रस्तुत करें। जिन्होंने एेसा किया है, उनके खिलाफ वे कानूनी कार्रवाई करेंगे। नीतीश ने कहा था कि वे उनके खिलाफ एेसे बयान को छापने वाले अखबारों और एेेसा दिखाने वाले चैनल्स के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई करेंगे।

हेडली के बयान से गरमाया मामला

इशरत जहां के मामले ने तब तूल पकड़ना शुरू किया जब मुंबई हमले के आरोपी डेविड हेडली ने कोर्ट में यह बयान दिया कि इशरत आतंकी थी और उसे सुसाइड बॉम्बर बनाकर भेजा गया था। उसे नरेंद्र मोदी के हत्या की जिम्मेदारी दी गई थी। हेडली के इस बयान को बाद भाजपा सहित एनडीए के सहयोगी दलों ने नीतीश से सवाल पूछने शुरू कर दिये थे कि क्या अब भी नीतीश इशरत जहां को बिहार की बेटी मानते हैं?

विरोधी दलों के इन्हीं सवालों का जवाब देते हुए नीतीश कुमार ने साफ शब्दों में कहा कि उन्होंने यह कभी नहीं कहा कि इशरत जहां बिहार की बेटी है।