विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 28, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

यूपी की योगी सरकार को RJD MLA ने भी दिया समर्थन, जानिए क्यों

By Kajal KumariEdited By:
Published: Tue, 28 Mar 2017 10:42 AM (IST)Updated: Tue, 28 Mar 2017 10:49 PM (IST)

बिहार के एक राजद विधायक ने यूपी की योगी सरकार का समर्थन करते हुए कहा है कि एंटी रोमियो स्क्वॉयड ...और पढ़ें

यूपी की योगी सरकार को RJD MLA ने भी दिया समर्थन, जानिए क्यों
यूपी की योगी सरकार को RJD MLA ने भी दिया समर्थन, जानिए क्यों

पटना [जेएनएन]। यूपी में ऐंटी-रोमियो स्क्वॉड गठित किए जाने के बाद से महिलाओं और लड़कियों के साथ बीच सड़क छेड़छाड़ करने वाले मनचलों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी आई है। इसको लेकर समर्थन और विरोध दोनों के स्वर तेज हुए हैं। इसी बीच, यूपी की बीजेपी सरकार को बिहार के एक राजद विधायक का समर्थन मिला है, जिन्होंने पूरे देश में ऐसे स्क्वॉड का गठन किए जाने की मांग की है।

डेहरी ऑन सोन से विधायक इलिहास हुसैन से जब ऐंटी रोमियो स्क्वॉड को लेकर प्रतिक्रिया मांगी गई, तब उन्होंने कहा, 'न सिर्फ बिहार बल्कि पूरे देश में रोमियो स्क्वॉड बनाना चाहिए। रोमियों को नियंत्रण में लाना जरूरी है।'
बता दें कि इससे पहले बिहार बीजेपी चीफ सुशील मोदी ने यूपी की तर्ज पर ऐंटी-रोमियो स्क्वॉड बनाने की मांग की थी। सुशील मोदी ने कहा था कि ऐसे दस्ते महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा के लिए भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, स्कूल और कॉलेजों के इर्द-गिर्द तैनात किए जाने चाहिए। 
यूपी में भारी बहुमत से जीतने के बाद बीजेपी ने अपने घोषणापत्र में किए वादे को पूरा करते हुए ऐंटी-रोमियो स्क्वॉड का गठन किया है। यह स्क्वॉड पब्लिक प्लेस, स्कूल कॉलेजों के बाहर तैनात किए गए हैं जो महिलाओं और लड़कियों पर बुरी नजर रखने वाले मनचलों पर कार्रवाई कर रही है। इस दौरान जहां कई मनचलों को पकड़ा गया है, वहीं युवा जोड़ों पर कार्रवाई की खबरों के कारण पुलिस और सरकार को आलोचना का भी सामना करना पड़ा। इन खबरों पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रमुख सचिव (गृह) से कहा कि वह ऐंटी-रोमियो स्क्वॉयड के लिए स्पष्ट गाइड लाइन तैयार करें। उन्होंने कहा, 'यदि कोई युवक और युवती आपसी सहमति से कहीं बैठे हैं या कहीं जा रहे हैं, तो उन पर कार्रवाई कतई न की जाए।'