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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 01, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पटना नगर निगम पर भी महागठबंधन का कब्जा, अमरावती बनीं डिप्टी मेयर

By Kajal KumariEdited By:
Published: Tue, 01 Dec 2015 07:42 AM (IST)Updated: Tue, 01 Dec 2015 07:50 AM (IST)

डिप्टी मेयर पद के लिए सोमवार को हुए चुनाव में वार्ड-11 की पार्षद अमरावती देवी ने वार्ड-31 की पार्षद पिंकी ...और पढ़ें

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पटना। डिप्टी मेयर पद के लिए सोमवार को हुए चुनाव में वार्ड-11 की पार्षद अमरावती देवी ने वार्ड-31 की पार्षद पिंकी यादव को हरा दिया। पहली बार पटना नगर निगम के डिप्टी मेयर पद पर कोई महिला काबिज हुई है।

जीत के बाद समाहरणालय परिसर में महागठबंधन जिंदाबाद के नारे गूंज उठे। लगभग दो बजे के करीब डीएम डॉ.प्रतिमा एस वर्मा ने अमरावती देवी को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। हाईकोर्ट के फैसले के बाद जल्द ही मेयर की कुर्सी भी आबाद होगी।

16 जुलाई को हटे थे अफजल

16 जुलाई को अविश्वास प्रस्ताव से मेयर अफजल इमाम को कुर्सी गंवानी पड़ी थी। उसके बाद से निगम बोर्ड, सशक्त स्थाई समिति की बैठक नहीं हुई है, जिसके कारण जनहित के कई मामले लंबित हैं।

इस बीच प्रभारी महापौर रूपनारायण ने निगम बोर्ड की बैठक आहूत की थी, लेकिन अफजल गुट के पार्षदों ने प्रभारी मेयर रूप नारायण को अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठने नहीं दिया। अंत में कोरम के अभाव में बैठक स्थगित कर दी गई। उसके बाद दोबारा बोर्ड की बैठक नहीं बुलाई गई।

11 अगस्त को हुआ था मेयर का चुनाव

मेयर पद के लिए दोबारा 11 अगस्त को मतदान हुआ, जिसमें अफजल इमाम भी उम्मीदवार बने। बहुमत से कुर्सी गंवाने के बाद दोबारा उनके मेयर का चुनाव लडऩे को उनके विरोधियों ने अदालत में चुनौती दी थी।

अफजल इमाम को जीत कुमार ने चुनौती दी थी। हालांकि जीत अफजल की हुई। अदालती आदेश के कारण मेयर के चुनाव परिणाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई। सोमवार को अदालत का फैसला आने के बाद इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी।

जानकार बताते हैं कि अदालत राज्य निर्वाचन आयोग को अपने फैसले से अवगत कराएगा। जिसके बाद आयोग पटना डीएम को चुनाव परिणाम घोषित करने का आदेश देगा। घोषणा के बाद नए मेयर को शपथ दिलाई जाएगी।

समय पर पहुंच गए थे पार्षद

सुबह 11 बजे से विशेष बैठक शुरू होनी थी। अधिकांश पार्षद समय पर ही समाहरणालय पहुंच गए। पूर्व मेयर अफजल इमाम, पूर्व डिप्टी मेयर रूप नारायण व विनय कुमार पप्पू लगातार फोन पर अपने समर्थक पार्षदों को समय पर बैठक में भाग लेने की हिदायत दे रहे थे।

बैठक शुरू होने के पूर्व ही यह सूचना आ गई थी कि पार्षद सुनील यादव मतदान में हिस्सा नहीं लेंगे। वार्ड-7 की पार्षद प्रमिला देवी भी बैठक में शामिल नहीं हुई। जबकि सुषमा साहू के राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य बनने के कारण मतदान में हिस्सा नहीं लेने की बात कही गई।

जो तीन पार्षद नहीं आए, उनमें से दो अफजल विरोधी गुट के व प्रमिला देवी अफजल की समर्थक बताई जा रही हैं। वैसे तो नगर निगम का चुनाव दलगत आधार पर नहीं हुआ है। अमरावती देवी राजद समर्थक मानी जाती हैं, जबकि अफजल इमाम जदयू से जुड़े हैं। विनय पप्पू, रूप नारायण भाजपा से जुडे हैं।

कहा-मेयर के साथ मिलकर करूंगी विकास

अपनी जीत के बाद डिप्टी मेयर अमरावती देवी ने कहा कि वे मेयर के साथ मिलकर राजधानी के विकास के लिए काम करेंगी। अमरावती देवी को जीत की बधाई देते हुए पिंकी यादव ने कहा कि उनकी जीत से महिलाओं का मान बढ़ा है।

जीत के लिए उन्हें हार्दिक बधाई। पहली बार कोई महिला डिप्टी मेयर बनी है, यह तमाम महिला पार्षदों के लिए गर्व की बात है। उम्मीद है कि वे अच्छा काम करेंगी और महिलाओं का मान-सम्मान बढ़ाएंगी। पूर्व डिप्टी मेयर विनय कुमार पप्पू ने बहुमत का सम्मान करने की बात कही।

साथ ही चेतावनी दी कि अगर विकास कार्यों में फिर मनमानी करने की कोशिश की गई तो उसका कड़ा प्रतिरोध किया जाएगा। सशक्त स्थायी समिति की पूर्व सदस्य आभा लता ने विरोधियों ने राजधानी के विकास में सहयोग करने की अपील की।