यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 25, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
रेल बजट : मढ़ौरा व मधेपुरा रेल कारखानों पर हुई 'प्रभु' की मेहरबानी
रेल मंत्री सुरेश प्रभु आज लोकसभा में साल 2016-17 का रेल बजट पेश कर रहे हैं। बिहार की बात करें ...और पढ़ें

पटना। लोकसभा में रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने साल 2016-17 का रेल बजट पेश किया। अपने कार्यकाल के दूसरे रेल बजट में सुरेश प्रभु ने लंबित रेल परियोजनाओं को पटरी पर लाने की कोशिश की है। उन्होंने कई ट्रेनों के मार्ग विस्तार किए हैं तो कुछ ट्रेनों के फेरे भी बढ़ाए हैं।
बिहार की बात करें तो उन्होंने मढौरा और मधेपुरा रेल कारखानों के पीपीपी मोड पर निर्माण की घोषणा की है। आइए देखें, रेल मंत्री ने बजट में बिहार को क्या दिया...
मढौरा और मधेपुरा इंजन कारखानों का पीपीपी मोड में होगा निर्माण
रेल बजट में रेल मंत्री ने कहा कि मढ़ौरा डीजल इंजन कारखाना व मधेपुरा इलेक्ट्रिक इंजन कारखाना के निर्माण कार्य चालू किए जाएंगे। यह काम पीपीपी मोड पर आरंभ किया जाएगा।
इसके साथ ही रेलमंत्री ने धार्मिक स्थलों के रेलवे स्टेशनों के कायाकल्प करने की भी घोषणा की, जिसमें बिहार के गया और बिहारशरीफ स्टेशन भी शामिल है। इन स्टेशनों पर खासतौर पर यात्री सुविधा मुहैया करायी जाएगी और स्टेशनों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
रेल परियोजनाओं के लिए राशि की मंजूरी
- बिहार की रेल परियोजनाओं के लिए कुल 3171 करोड़ रुपये की मंजूरी
- नयी परियोजना के लिए 867 करोड़ की मंजूरी
- दोहरीकरण के लिए 185 करोड़ रुपये की मंजूरी
- आमान परिवर्तन के लिए 150 करोड़
- मुंगेर रेल पुल के लिए 375 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गयी है।
- यातायात सुविधा के लिए 50.53 करोड़ रुपये
- यात्री सुविधा के लिए 38.64 करोड़ रुपये की मंजूरी
