यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 12, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कंप्यूटर जैसा तेज है इन बच्चों का दिमाग, सेकेंड में हल कर देते हैं कठिन सवाल
बिहार शरीफ के अह्सर और आयुषी का दिमाग कंप्यूटर जैसा तेज है। कैलकुलेटर की तरह ये बच्चे कैलकुलेशन करते हैं।

नालंदा [जेएनएन]। बिहार के बच्चे न सिर्फ मेहनती होते हैं, बल्कि विलक्षण प्रतिभा के धनी भी होते हैं। यही वजह है कि इंजीनियरिंग हो, सिविल सर्विसेज हो, मेडिकल हो या अनुसंधान का क्षेत्र, हर जगह यहां के बच्चे अपनी प्रतिभा और मेहनत से समाज व राज्य का नाम रौशन करते हैं।
नालंदा जिले के बिहारशरीफ के दो ऐसे ही बच्चे हैं अह्जम अह्सर और आयुषी। इन दोनों का दिमाग कंम्पयूटर की तरह तेज है। कैलकुलेटर की तरह ये कैलकुलेशन करते हैं। पटना के मगध महिला कालेज में यूसी एमएएस दिल्ली द्वारा आयोजित राज्य-स्तरीय अबेकस एंड मेंटल अरिथमेटिक प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का परिचय देते हुए इन दोनों ने सभी को हैरत में डाल दिया और चैम्पियन का खिताब जीतने में सफल रहे।
इनसे पूछा गया कि 143×789 का जवाब क्या होगा। आम छात्र या तो इस सवाल का हल करने के लिए कैलकुलेटर का उपयोग करेंगे या फिर पेन-पेंसिल तो लेंगे ही। लेकिन बिहारशरीफ के यूसी एमएएस सेंटर के बच्चे ने सवाल सुनकर केवल 3 सेकेंड में जवाब देने के लिए अपना हाथ उठा लिया और एकदम सही जवाब 112827 बताकर वहां मौजूद सभी लोगों को हैरत में डाल दिया।
बिहारशरीफ सेंटर के अह्जम अह्सर लिखित में और आयुषी मौखिक में चैम्पियन रही। इन बच्चों को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। ये बच्चे थर्ड लेवल के हैं।
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यूसी एमएएस बिहारशरीफ सेंटर की फ्रेंचाइजी पिंकी सिन्हा ने बताया कि यूसीएमएएस 5 से 14 वर्ष के बच्चों के बीच इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाती है जो बच्चों में ऐसी तकनीक प्रतिभा जिससे बच्चे गणित के कठिनतम प्रश्नों को सेकेंडों में हल कर सके, विकसित करती है।
उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में पूरे स्टेट के बच्चे शामिल हुए थे। कुल आठ चरणों में आयोजित की गई प्रतियोगिता में बच्चों से कुल 200 प्रश्नों के जवाब पूछे गए। प्रत्येक चरण के प्रश्नों का जवाब महज आठ मिनट में देना था।
