यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 27, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नेपाल में जबरदस्त तनाव, हाई अलर्ट, नवलपरासी में फायरिंग
नेपाल में सामवेशी संविधान व अलग राज्य की मांग को लेकर आज 14वें दिन भी जबरदस्त तनाव है। इसके पहले ...और पढ़ें

जेएनएन, मुजफ्फरपुर। नेपाल में सामवेशी संविधान व अलग राज्य की मांग को लेकर आज 14वें दिन भी जबरदस्त तनाव है। इसके पहले 13वें दिन बुधवार को मधेस आंदोलन जारी रहा। कई स्थानों पर झड़प व तोडफ़ोड़ भी हुई। नवलपरासी में पुलिस ने फायरिंग की। इसमें दो लोग घायल हो गए।
पर्सा, बारा, बर्दिया, टीकापुर, रौतहट सहित 22 जिलों में हाई अलर्ट जारी करते हुए कफ्र्यू का आदेश दिया गया है। वीरगंज में आंदोलनकारियों ने गृहमंत्री वामदेव गौतम सहित शीर्ष नेताओं की शव यात्रा निकाली और विरोध प्रदर्शन किया। बाद में गृहमंत्री का पुतला फूंका। कलैया में अर्थी जुलूस निकला गया।
वीरगंज, भैरहवा, विराटनगर, गौर, नेपालगंज, मटिहानी, मेची, महाकाली बंद रहा। इससे जनजीवन प्रभावित हो गया। भारत-नेपाल मुख्य मार्ग पर वाहनों का तांता लगा रहा।
पर्सा जिला वीरगंज में रात आठ से लेकर सुबह छह बजे तक कफ्र्यू जारी रहेगा। यहां भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। गौर शहर में नेपाली सेना की फायङ्क्षरग में मंगलवार को एक युवक की मौत के बाद रौतहट शहर में दुकानें व बाजार बंद रहे। सड़कों पर पुलिस व सेना के जवान नजर आए। तमाम नेता भूमिगत हैं। गौर में मारे गए युवक के शव को लेकर तनातनी रही।
वाहनों को रोका, झड़प : वीरंगज में आक्रोशित आंदोलनकारियों ने पुलिस अभिरक्षा में सामान ले जा रहे वाहनों को रोक दिया। इसके बाद पुलिस व आंदोलनकारी में परवानीपुर के समीप झड़प हो गई। इसमें टैंकर (ना 3 प 3246) के चालक सुनील लामा व श्याम लामा सहित आधा दर्जन चालकों को चोटें आईं। इनका उपचार स्थानीय चिकित्सालय में जारी है। एक दर्जन से अधिक आंदोलनकारी भी चोटिल हो गए।
पर्सा व बारा जिला वीरगंज के कलैया में दर्जनभर से अधिक गाडिय़ों में आंदोलनकारियों ने तोडफ़ोड़ की और चालक-उपचालक को घायल कर दिया। नवल परासी के प्रमुख जिलाधिकारी हरी प्रसाद मैनाली ने बताया कि धूमही भैरवा बाइपास पर झड़प हुई। वीरगंज के जिलाधिकारी केशवराज धिमरै ने कहा कि शांति के लिए रात का कफ्र्यू जारी रहेगा।
11 लोग गिरफ्तार : कैलाली टीकापुर में एसएसपी समेत अन्य जवानों की हत्या में संदेह के आधार पर सुंदरलाल चौधरी, खड़क बहादुर चौधरी, मधेसी जनाधिकार फोरम लोकतांत्रिक के क्षेत्रीय अध्यक्ष रामप्रसाद चौधरी, दरख नारायण, रामजनम चौधरी, रामकुमार खटरिया, सुन्दरलाल खटरिया, दिलबहादुर चौधरी, राजकुमार खटरिया, हरिनारायण चौधरी व प्रेमबहादुर चौधरी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
कार्रवाई को गलत बताया : मधेसी मोर्चा के प्रवक्ता नेहाल खान ने बताया कि सरकार ने आंदोलन का दमन करने के लिए सेना बहाली कर कफ्र्यू लगाया है। वहीं, प्रदीप यादव व लालबाबू गद्दी ने सरकारी कार्रवाई को गलत बताया। साथ ही अखंड नेपाल को गृहमंत्री का बयान तोडऩे जैसा बताया। वीरगंज में आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय मधेस समाजवादी पार्टी के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप चौरसिया के नेतृत्व में पूर्व मंत्री करीमा बेगम, सभासद लालबाबू राउत गद्दी, रमेश कुर्मी, नागेश्वर यादव, राजेशमान सिंह राष्ट्रीय मधेस पार्टी के रमेश चौधरी, मधेसी मोर्चा के पर्सा जिला संयोजक प्रदीप यादव, मदन प्रसाद यादव पुरुषोत्तम झा आदि सक्रिय रहे।
शांति बहाली की मांग : मुजफ्फरपुर के सांसद अजय निषाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से नेपाल में एक शिष्टमंडल भेजकर शांति बहाल कराने की मांग की।