यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 17, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
तप रही धरती, आसमान उगल रहा आग
बक्सर । पिछले पांच दिनों से अनवरत पछुआ हवा का बहना जारी है। इसके कारण शहर का तापमान

बक्सर । पिछले पांच दिनों से अनवरत पछुआ हवा का बहना जारी है। इसके कारण शहर का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ था। वहीं, न्यूनतम पारा औसतन 22 डिग्री सेल्सियस रह रहा है। न दिन में चैन और न रात में राहत मिलने से जन-जीवन अस्तव्यस्त है। इसके कारण शहर की चहल-पहल काफी प्रभावित है। दोपहर में तो सड़कों पर कर्फ्यू सा नजारा दिख रहा है।
हालांकि, भीषण गर्मी को लोग बरसात के लिए अच्छा मान रहे हैं। दरअसल, पुरानी कहावत है, चैत में पछिया भादो जला, भादो पछिया माघ में पाला। कहते हैं, यदि चैत मास में पछुआ बहे तो तीन माह बाद भादों में अच्छी बारिश होने के आसार बनते हैं। वहीं, भादों मास में जितने दिन पछुआ हवा का प्रकोप बने रहता है, उसके चार मीहने बाद माघ मास में पाला पडने की पूरी संभावना रहती है। ऐसे में फिलहाल रूला रहा मौसम किसानों को खरीफ की खेती में अच्छी बारिश देने वाला है। मौसम विशेषज्ञों ने भी इसी की उम्मीद जतायी है। दूसरी तरफ, लगातार बह रही पछुआ हवाओं ने इंसान तो इंसान जीव-जंतुओं को भी कष्ट में डालना शुरू कर दिया है। पानी की तलाश में वे इधर-उधर भटकते ज्यादा दिख रहे हैं। आदर्श नगर के राजीव रंजन का कहना है कि शहर में दिनभर उछल-कूद करने वाले बंदर भी कम ही दिखाई पड़ रहे हैं। पांडेयपट्टी के मुन्ना पांडेय, सोनू सिन्हा आदि बताते हैं कि दिनभर उनके घर के निकट पेड़ पर पछियों का झुंड करतव करते दिखते थे। जिसकी चहचहाहट तो मानों इस बढ़ी गर्मी ने निगल ही लिया हो। इधर, कृषि विज्ञान केंद्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार को शहर का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस पर था। वहीं, अगले एक-दो दिनों में तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की मामूली गिरावट भी आ सकती है।
