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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 28, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

राम-रहीम की गिरफ्तारी के बाद इस इलाके के 2000 परिवार हुए बेरोजगार

By Kajal KumariEdited By:
Published: Mon, 28 Aug 2017 01:19 PM (IST)Updated: Tue, 29 Aug 2017 11:22 PM (IST)

डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम-रहीम इंसा की गिरफ्तारी और डेरा की संपत्ति सीज किए जाने के बाद भागलपुर ...और पढ़ें

राम-रहीम की गिरफ्तारी के बाद इस इलाके के 2000 परिवार हुए बेरोजगार
राम-रहीम की गिरफ्तारी के बाद इस इलाके के 2000 परिवार हुए बेरोजगार

भागलपुर [मिहिर सिन्हा]। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम इंसा को दोषी ठहराए जाने व हरियाणा स्थित डेरा की संपत्ति सीज किए जाने के बाद भागलपुर के नाथनगर प्रखंड के गोसाईंदासपुर गांव के दो हजार लोग बेरोजगार हो गए हैं। ये सभी लोग डेरा के सिरसा व हिसार स्थित आश्रम में नौकरी करते थे। वहीं दो दिन पूर्व हरियाणा में हुई ङ्क्षहसा के बाद वहां रह रहे लोगों के परिजन को चिंता सताने लगी है। 

अठारह साल पहले यहां बना था पहला भक्त 

नाथनगर प्रखंड के दस हजार आबादी वाले गोसाईंदासपुर गांव निवासी मलय पासवान बेरोजगारी से तंग आकर दिल्ली चला गया था। कुछ दिन बाद वह हरियाणा चला गया था। वहां वह मजदूरी करने के दौरान डेरा के लोगों के सम्पर्क में आ गया था। सत्संग सुनते-सुनते मलय हरियाणा के हिसार स्थित आश्रम में रहने लगा।

 

आश्रम में उसे रहने व भोजन की सुविधा के साथ-साथ आठ हजार की नौकरी भी मिल गई थी। वह समय-समय पर अपने गांव भी आता था। इसके बाद गांव के लोग उसके संपर्क में आते गए और राम रहीम के भक्त बनते गए।

स्थिति यह हुई कि 18 साल में गोसाईंदासपुर से लोगों का सिरसा व हिसार स्थित आश्रम आना-जाना शुरू हो गया। लोग वहां कृषि से जुड़े व अन्य काम करने लगे। आज राम रहीम के आश्रम में गांव के दो हजार लोग काम कर रहे हैं। 

 

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परिजनों को अपने बेटों की सताने लगी है चिंता 

गोसाईंदासपुर के यादव टोला निवासी डोमी यादव की पत्नी उर्मिला देवी का पुत्र सिनोद कुमार भी राम रहीम के आश्रम में रहता है। वहां वह गायों की सेवा करता है। उसे बारह हजार रुपये वेतन मिलता है। साल में एक बार सिनोद गांव आता है और परिवार की जरूरतों को पूरा कर वापस काम पर चला जाता था। उर्मिला देवी कहती हैं कि अब उनके परिवार के सामने आर्थिक परेशानी आ गई है। सात साल से सिनोद हिसार में रह रहा था।

 

शनिवार को उससे फोन पर बात हुई तो वह काफी परेशान था परंतु हमें शांत रहने के लिए कह रहा था। सिनोद को कुछ हो न जाए इस चिंता में उर्मिला देवी की तबीयत बिगड़ गई है।

 

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उन्होंने कहा कि बाबा ने क्या किया है और क्या नहीं हमें नहीं पता। अगर दोषी हैं तो अदालत फैसला सुनाएगी लेकिन हमें अपने बेटे की चिंता सता रही है। उसके अलावा गांव के सैकड़ों परिवार के लोग आज भी अपने बच्चों की चिंता में सो नहीं पा रहे हैं। 

 

भक्तों को समझाने जाएगा मंटू 

वहीं राम रहीम के भक्तों का गांव में नेतृत्व करने वाले मंटू प्रेमी ने कहा कि हमारे बाबा निर्दोष हैं। सभी आरोपों से उनको मुक्ति मिल जाएगी। आश्रम भी सुरक्षित है किसी को कुछ नहीं होने वाला है। वह भक्तों को समझाने आश्रम जा रहे हैं कि कोर्ट को अपना काम करने दें। ङ्क्षहसा से कुछ नहीं होने वाला है।  

 

राम रहीम के कहने पर ग्रामीणों ने त्याग दिया था मांस-मदिरा 

राम रहीम के भक्तों का दावा है कि उनके संपर्क में आने के बाद गांव के आधे से अधिक लोगों ने मांस व मदिरा का सेवन बंद कर दिया है। इतना ही नहीं समीप के गांव राघोपुर, रामपुर, मनसकामनानाथ चौक, भतौडिय़ा, किशनपुर, मथुरापुर समेत कई इलाकों में राम रहीम के भक्त हैं। जिन्होंने मांस-मदिरा का सेवन बंद कर दिया है। 

 

हरियाणा से गांव लौटने लगे हैं लोग

बीते शुक्रवार को हरियाणा व पंजाब में हुई हिंसा के बाद गोसाईंदासपुर के सौ से ज्यादा ग्रामीण यहां लौटने लगे हैं। उनके परिजन ने बताया कि हरियाणा से ये लोग दिल्ली आ रहे हैं। वहां से भागलपुर के लिए ट्रेन पकड़ रहे हैं। लेकिन जो लोग नहीं लौट पाए हैं उनके परिजन की चिंता दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।