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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 05, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आरबीआइ ने बताए सही नोट पहचानने के गुर

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Published: Tue, 05 Mar 2013 01:44 AM (IST)

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जागरण प्रतिनिधि, भागलपुर : यू हैव वोन द प्राइज ऑफ 10 मिलियन डॉलर, आप जीत गए हैं एप्पल के आइ पैड, आपकी लग गई है लॉटरी..। ऐसे कई मेल आपके ई मेल खाते पर आए दिन इनबॉक्स और स्पैम में आते रहते हैं। आपके गांव में, कस्बे में, शहर में आए दिन नन बैंकिंग कंपनियां माइक्रो फाइनेंस के नाम पर आपकी गाढ़ी कमाई ले कर नौ दो ग्यारह हो जा रही हैं। जी हां, पैसे पेड़ पर नहीं लगते। सोमवार को यही बताने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया, क्षेत्रीय कार्यालय की पूरी टीम भागलपुर आई थी। आरबीआइ सिर्फ नोट छापने या नोट जारी करने की संस्था भर नहीं रही अब। बैंकों का बैंक आरबीआइ सोमवार को टाउन हॉल में एक नए अवतार में लोगों के सामने नजर आया।

जागरूकता कार्यशाला का उद्घाटन कमिश्नर मिन्हाज आलम, डीडीसी प्रभात कुमार सिन्हा व आरबीआइ के महाप्रबंधक जेपी टिर्की ने संयुक्त रूप से किया। मंच का संचालन सहायक महाप्रबंधक बी एन झा ने किया। डीडीसी ने कार्यक्रम को संबोधित करते कहा कि नन बैंकिंग के सब्जबाग में लोगों को नहीं आना चाहिए। हाल ही में एक कंपनी यहां के कई लोगों की गाढ़ी कमाई लेकर भाग गई है। आरबीआइ का यह बैंकिंग जागरूकता कार्यक्रम काफी सराहनीय है। मौके पर प्रबंधक शिल्पी कुमारी, आर के पासवान व सहायक प्रबंधक के एस गौरी भी मौजूद थे।

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नुक्कड़ नाटक से असली की पहचान

पटना से आई सवेरा समाज की टीम ने जाली नोट को पहचानने के तरीकों का संदेश नुक्कड़ नाटक के जरिए बताया। इस नाटक में गांव के परिवेश में किस तरह नोट को पहचानने को ले अभी तक अज्ञानता है, इस पर प्रहार किया गया।

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धन जमा करते समय रखें ध्यान

- नन बैकिंग कंपनी आरबीआइ से पंजीकृत है या नहीं

- कोई भी नन बैंकिंग कंपनी 12.5 फीसद से ज्यादा ब्याज दर नहीं दे सकती

- कोई भी नन बैंकिंग कंपनी एक साल से कम या पांच साल से अधिक की अवधि के लिए जमा नहीं स्वीकार कर सकती

- नन बैंकिंग में आपकी जमा राशि का कोई बीमा नहीं होता और न ही आरबीआइ उसकी वापसी की गारंटी देता है

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ग्राहक यहां कर सकते हैं शिकायत

- दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता व मुंबई स्थित कंपनी लॉ बोर्ड के दफ्तर में

- जिला स्तर पर उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम में

- आरबीआइ की नजदीकी शाखा में

- आरबीआइ की वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.आरबीआइ.ओआरजी.इनपर शिकायत दर्ज करें

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फर्जी लॉटरी, पुरस्कार राशि वाले एसएमएस से सावधान रहें

- लॉटरी, पुरस्कार में सहभागिता के लिए प्रेषण करना, प्राप्त करना फेमा के 1999 के कानून के तहत प्रतिबंधित है

- रिजर्व बैंक व्यक्ति, कंपनी या ट्रस्ट के नाम से न तो कोई खाता रखता है और न ही संवितरण के लिए विदेशी फंड रखता है

- रिजर्व बैंक विदेश से प्राप्त निधियों को रखने के साक्ष्य के एवज में कोई रसीद नहीं जारी करता

- ऐसे ऑनलाइन प्रस्ताव या एसएमएस आने पर स्थानीय पुलिस या साइबर सेल को दें सूचना

- अपने बैंक खाते के परिचालन के लिए दूसरों को अनुमति न दें

- नकदी विनिमय प्रस्तावों के लिए किसी को भी खाते का विवरण न दें

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2005 से नोट के फीचर में बदलाव

2005 के बाद रिर्जव बैंक ने नोटो के फीचर में बदलाव किया है। असली नोट को पहचानने के लिए इसे तीन श्रेणी में बांटा गया है

- स्पर्श

- देखना

- घुमाना

- कॉटन के धागे से तैयार होता है नोट का कागज

- असली नोट में होता है क्रैकिंग साउंड

-सिक्यूरिटी धागे में अंग्रेजी में आरबीआइ व देवनागरी में भारत लिखा होता है

- गांधीजी की वाटरमार्क तस्वीर के ठीक बगल में अंग्रेजी में आरबीआइ व अंक में नोट की वैल्यू अंकित रहती है

- यह लेटेन्ट इमेज होता है जो 30 व 45 डिग्री के कोण पर दिखाई पड़ता है

- वाटरमार्क में गांधीजी की गुप्त तस्वीर सुडौल व जीवंत दिखती है

- इंटेजिलियो प्रिटिंग में वाटरमार्क के बगल में नोट के आगे व पीछे बने फूल के डिजाइन पर भी नोट की वैल्यू दिखाई पड़ती है

- असली नोट की फोटो कॉपी में उसकी पूरी छवि नहीं बनती

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दृष्टिहीन ऐसे पहचान सकते हैं असली नोट

- अशोक स्तंभ के नीचे वाटर मार्क में छिपे आकार को स्पर्श कर

20 के नोट पर - आयताकार चिन्ह

50 के नोट पर - वर्ग

100 के नोट पर- त्रिभुज

500 के नोट पर-वृत

1000 के नोट पर- डायमंड का आकार

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