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'घर में ईंधन की न हो कमी', 1 अप्रैल से रूस ने पेट्रोलियम उत्पाद के निर्यात पर लगाया प्रतिबंध

Published: Sat, 28 Mar 2026 07:55 AM (IST)

रूस ने 1 अप्रैल से पेट्रोलियम निर्यात पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। इसका उद्देश्य पश्चिम एशिया संघर्ष के ...और पढ़ें

रूस ने पेट्रोलियम उत्पादों के आयात पर लगाया प्रतिबंध।

रूस ने पेट्रोलियम उत्पादों के आयात पर लगाया प्रतिबंध।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। रूस की सरकार ने शुक्रवार को 1 अप्रैल से पेट्रोलियम के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। इसका उद्देश्य पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक बाजार में मची उथल-पुथल के बीच घरेलू आपूर्ति को प्राथमिकता देना और ईंधन की कीमतों को स्थिर करना है।

यह घोषणा रूसी उप-प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर नोवाक की अध्यक्षता में हुई एक बैठक के बाद की गई। बैठक में घरेलू पेट्रोलियम उत्पाद बाजार की स्थिति की समीक्षा की गई थी।

बैठक में दिया गया इस बार जोर

रूस की सरकार द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, नोवाक ने इस बात पर जोर दिया कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण वैश्विक तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव आ रहा है। हालांकि विदेशों में रूसी ऊर्जा की मांग अभी भी बनी हुई है।

बैठक के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा निर्धारित उस उद्देश्य पर विशेष जोर दिया गया, जिसके तहत घरेलू ईंधन की कीमतों को अनुमानित स्तरों से ऊपर बढ़ने से रोकना है।

ऊर्जा मंत्रालय ने क्या बताया?

रूसी ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि तेल रिफाइनिंग की दरें मार्च 2025 के स्तर के अनुरूप बनी हुई हैं, जिससे घरेलू आपूर्ति स्थिर बनी हुई है। साथ ही उद्योग की कंपनियों के पास आंतरिक मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त मात्रा में गैसोलीन और डीजल का भंडार मौजूद है और रिफाइनरी क्षमता का उपयोग भी उच्च स्तर पर हो रहा है।

चर्चा के बाद नोवाक ने ऊर्जा मंत्रालय को एक प्रस्ताव का मसौदा तैयार करने का निर्देश दिया, जिसके तहत 1 अप्रैल, 2026 से गैसोलीन के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। घरेलू कीमतों को स्थिर किया जा सके और स्थानीय बाजार को प्राथमिकता के आधार पर आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

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