इस्लामाबाद, पीटीआइ। अंतरराष्‍ट्रीय मंचों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीति अब रंग दिखाने लगी है। मोदी सरकार की कूटनीति का ही नतीजा है कि वैश्विक ताकतों ने खुलकर अनुच्‍छेद-370 को हटाए जाने के बाद खुलकर भारत का साथ दिया है। यही नहीं ताकतवर देशों ने पाकिस्‍तान को जम्‍मू-कश्‍मीर में आतंकियों की घुसपैठ पर भी लगाम लगाने की हिदायत दी है। नतीजतन पाकिस्‍तान के सुर बदल गए हैं और वह द्विपक्षीय संबंधों की हिमायत करने लगा है।

इस सिलसिले में ताजा बयान पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी का आया है। उन्‍होंने कहा है कि देशों के द्विपक्षीय संबंध धार्मिक भावनाओं से ऊपर होते हैं। गौर करने वाली बात यह है कि कुरैशी का यह बयान ऐसे वक्‍त में आया है जब पाकिस्तान की सीनेट के अध्यक्ष सादिक संजरानी (Sadiq Sanjrani) ने यूएई की अपनी आधिकारिक यात्रा रविवार को रद कर दी है। इसके एक दिन पहले ही पीएम मोदी यूएई के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ऑर्डर ऑफ जायेद' से सम्मानित किए गए थे। 

पाकिस्‍तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और यूएई के बीच द्विपक्षीय रिश्‍तों को बढ़ाने की कोशिशों के लिए पीएम मोदी को 'ऑर्डर ऑफ जायेद' (Order of Zayed) से नवाजे जाने पर कुरैशी ने कहा कि किसी भी देश को अपनी पसंद के आधार पर दुनिया के बाकी मुल्‍कों के साथ द्विपक्षीय रिश्‍तों को मजबूत करने का हक है। अंतरराष्ट्रीय संबंध धार्मिक भावनाओं से ऊपर होते हैं। निवेश के संबंध में यूएई और भारत के रिश्‍ते काफी पुराने हैं।

कुरैशी ने आगे कहा कि यूएई और भारत के रिश्‍ते काफी मजबूत हैं क्योंकि ढेर सारे भारतीय वहां काम करते हैं। हालांकि, इन सबके बावजूद मैं जल्द यूएई के विदेश मंत्री के साथ बैठक करूंगा और उनसे कश्मीर के मसले पर चर्चा करूंगा। मुझे उम्मीद है कि वे पाकिस्तान को निराश नहीं करेंगे। रिपोर्ट की मानें तो कुरैशी प्रधानमंत्री मोदी को खाड़ी देश के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किए जाने के मसले को कुरैशी ने टालने की कोशिश की। 

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