इस्‍लामाबाद, एजेंसी। जमियत उलेमा इस्‍लाम-फजलुर रहमान के दो नेताओं को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही उनके खिलाफ मामला भी दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि इन दोनों नेताओं ने क्षेत्र में धारा 144 लागू होने के बाद भी बैनर लगाए और प्रशासन को चुनौती दी।

जियो टीवी में छपी रिपोर्ट के अनुसार, मौलाना शफीक-उर-रहमान व मौलाना मुहम्‍मद इरशाद को बैनरों के साथ गिरफ्तार किया गया है।  ये दोनों धरने की तैयारी में थे। शम्‍स कालोनी से गिरफ्तार किए गए इन नेताओं पर आरोप है कि सरकार के खिलाफ धरने के लिए ये लोगों को उकसा रहे थे। पुलिस के अनुसार, कुछ लोगों को JUI-F धरने में झंडे के साथ देखा गया लेकिन जैसे ही पुलिस ने इन्‍हें खदेरना शुरू किया वे वहां से फरार हो गए।

एक उच्च-स्तरीय बैठक के बाद, सरकार ने रविवार को संघीय राजधानी में जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल (JUI-F) द्वारा धरना को रोकने का फैसला किया। नाम न बताने की शर्त पर गृह मंत्रालय के एक सूत्र ने जानकारी दी, '31 अक्‍टूबर को निश्‍चित धरने के पहले मौलाना फजलुर रहमान को गिरफ्तार किया जा सकता है।'  सूत्र के अनुसार सरकार ने मौलाना को गिरफ्तार करने का फैसला कर लिया है। सरकार का कहना है कि इस धरने के पीछे अपने छिपे एजेंडे के लिए  JUI-F देश में अव्‍यवस्‍था फैला सकता है।  

मिली जानकारी के अनुसार, अक्‍टूबर के अंतिम चार दिनों के दौरान मौलाना फजलुर रहमान को गिरफ्तार किया जाएगा और यह तारीख 26 अक्‍टूबर हो सकती है क्‍योंक‍ि 25 को शुक्रवार है और जुम्‍मातुल मुबारद के  दिन सरकार यह जोखिम नहीं उठा सकती।  सरकार को डर है कि मौलाना मस्जिदों की ताकत का इस्‍तेमाल कर सकता है।

बता दें कि आजादी मार्च को लेकर पाकिस्‍तान सरकार के साथ  प्रस्‍तावित वार्ता JUI-F की ओर से रद कर दी गई। 

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