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ट्रंप की उम्मीदों को PAK का झटका, रक्षा मंत्री बोले- अब्राहम समझौते से नहीं जुड़ेंगे

Published: Tue, 26 May 2026 12:37 PM (IST)

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इजरायल के साथ संबंधों को सामान्य बनाने वाले अब्राहम समझौते में शामिल होने से इनकार कर दिया है।

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ। (फाइल फोटो)

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ। (फाइल फोटो)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि वह इजरायल के साथ संबंधों को सामान्य बनाने के लिए इस्लामाबाद के अब्राहम समझौते में शामिल होने के पक्ष में नहीं हैं।

उनकी यह टिप्पणी तब आई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ शांति वार्ता में शामिल देशों से अब्राहम समझौते पर हस्ताक्षर करने को कहा। यह समझौता इजरायल और अरब देशों के बीच कूटनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंध स्थापित करने से जुड़ा है।

ख्वाजा आसिफ ने क्या कहा?

सोमवार रात समा टीवी के एक टॉक शो में आसिफ ने कहा, "व्यक्तिगत तौर पर मुझे नहीं लगता कि हमें किसी ऐसे समझौते में शामिल होना चाहिए जो हमारी बुनियादी विचारधाराओं से टकराता हो।"

वार्ताकारों में से यूएई और बहरीन पहले से ही इस समझौते के सदस्य हैं और ट्रंप को उम्मीद है कि सऊदी अरब, कतर, पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र और जॉर्डन भी इस पर हस्ताक्षर करेंगे।

'हमें ये मंजूर नहीं'

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने अपने देश के उस पुराने रुख के बारे में भी बात की जिसके तहत वह तब तक इजरायल को स्वीकार नहीं करेगा जब तक कि 1967 से पहले की सीमाओं के आधार पर पूर्वी यरुशलम को राजधानी बनाकर एक फलस्तीनी राष्ट्र की स्थापना नहीं हो जाती। उन्होंने कहा, "हमारा रुख बिल्कुल साफ है कि यह हमें मंजूर नहीं है।"

रक्षा मंत्री ने विश्वसनीयता के सवाल पर भी जोर दिया। उन्होंने पूछा, "आप उन लोगों के साथ कैसे बैठ सकते हैं जिनके कहे पर एक दिन के लिए भी भरोसा नहीं किया जा सकता?" उन्होंने पाकिस्तान के पासपोर्ट का भी जिक्र किया जिस पर साफ लिखा होता है कि यह इजरायल की यात्रा के लिए मान्य नहीं है।

आसिफ उन राजनेताओं में से हैं जो यहूदी राष्ट्र के साथ संबंधों को सामान्य बनाने के किसी भी विचार का जोरदार विरोध करते हैं। पिछले महीने उन्होंने इजरायल को इंसानियत के लिए एक अभिशाप बताया था और उस पर इस क्षेत्र में नरसंहार करने का आरोप लगाया था।

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